सूरत : अमेरिका में टैरिफ कटौती से भारतीय टेक्सटाइल निर्यात को रफ्तार, सूरत के कारोबारियों के लिए नए अवसर

यूएस टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के बाद FY27 से डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद, निर्यात $14–15 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान

सूरत : अमेरिका में टैरिफ कटौती से भारतीय टेक्सटाइल निर्यात को रफ्तार, सूरत के कारोबारियों के लिए नए अवसर

अमेरिका द्वारा भारतीय टेक्सटाइल और परिधान उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती किए जाने के बाद देश के निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होने की संभावना है। 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक किफायती और मूल्य-आधारित बनेंगे। इंडस्ट्री सूत्रों और निर्यात संगठनों के अनुसार, इसका असर FY27 से स्पष्ट रूप से दिख सकता है और सालाना 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

कपड़ा कारोबारी गिरधर गोपाल मूंदड़ा के अनुसार यदि यह कम टैरिफ लंबे समय तक बना रहता है और सप्लाई चेन मजबूत रहती है, तो अमेरिका में भारत का टेक्सटाइल और परिधान निर्यात पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से बढ़ सकता है। फिलहाल भारत का अमेरिका को टेक्सटाइल एवं अपैरल निर्यात लगभग 10–11 बिलियन डॉलर (करीब 85,000–90,000 करोड़ रुपये) का है।

उन्होंने बताया कि पिछले रुझानों के आधार पर दो परिदृश्य सामने रखे जा रहे हैं। जिसके अनुसार, यदि निर्यात में सालाना 10–15 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो FY26 में यह आंकड़ा लगभग 12.1 बिलियन डॉलर और FY27 में 13–14 बिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। वहीं आशावादी परिदृश्य में, यदि टैरिफ राहत के साथ बेहतर मार्केटिंग, ब्रांड पार्टनरशिप और सरकारी प्रोत्साहन भी मिलते हैं, तो वृद्धि दर 15–25 प्रतिशत तक जा सकती है। इस स्थिति में FY27 तक निर्यात 14–15 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना जताई जा रही है। यह अनुमान आधिकारिक पूर्वानुमान नहीं, बल्कि उद्योग आधारित आकलन है।

श्री मूंदड़ा के अनुसार टेक्सटाइल हब के रूप में पहचान रखने वाला सूरत, खासकर एमएमएफ, यार्न, फैब्रिक और पावरलूम उत्पादों का बड़ा सप्लायर है। यदि भारत का कुल टेक्सटाइल निर्यात अमेरिका को 14–15 बिलियन डॉलर तक पहुँचता है, तो अनुमान है कि सूरत क्लस्टर का इसमें 10–15 प्रतिशत तक योगदान हो सकता है। इस आधार पर सूरत से अमेरिका को निर्यात 1.4 से 2.3 बिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। हालांकि शहर-वार आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन निर्यात संगठनों और उद्योग समूहों का संकेत है कि अमेरिका में टेक्सटाइल मांग बढ़ने पर सूरत के निर्यातकों को 10–15 प्रतिशत तक का सीधा लाभ मिलना तय है।

टैरिफ में कटौती के बाद भारत का अमेरिका को टेक्सटाइल निर्यात अगले 2–3 वर्षों में 10–25 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप कुल निर्यात 14–15 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना है, जिससे सूरत के टेक्सटाइल कारोबारियों को खासतौर पर एमएमएफ और फैब्रिक सेगमेंट में हजारों करोड़ रुपये के नए व्यापारिक अवसर मिल सकते हैं।

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