सूरत : खाजोद डंपिंग साइट पर कचरा जलाने का आरोप, विपक्ष ने एयर पॉल्यूशन फैलाने का दावा किया

200–260 करोड़ रुपये के कथित कचरा घोटाले को छिपाने के लिए कचरा जलाने का आरोप, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरे की चेतावनी

सूरत : खाजोद डंपिंग साइट पर कचरा जलाने का आरोप, विपक्ष ने एयर पॉल्यूशन फैलाने का दावा किया

सूरत। शहर की खाजोद डंपिंग साइट पर कचरा जलाकर वायु प्रदूषण फैलाए जाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सूरत महानगरपालिका और सत्ताधारी पक्ष पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सूरत महानगरपालिका विपक्ष की नेता पायल सकारिया ने दावा किया है कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस और निपटान करने के बजाय उसे खुलेआम जलाया जा रहा है, जिससे शहर और आसपास के इलाकों में एयर पॉल्यूशन बढ़ रहा है।

पायल साकारिया द्वारा जारी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें खाजोद डंपिंग साइट पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर और उससे उठता धुआं दिखाई दे रहा है। विपक्ष का आरोप है कि यह सब 200 से 260 करोड़ रुपये के कथित कचरा घोटाले को छिपाने के लिए किया जा रहा है।

विपक्ष की नेता ने कहा कि डंपिंग साइट पर ठेकेदार खुलेआम कचरा जला रहे हैं और इसे रोकने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। कचरे के वैज्ञानिक निपटान के नियमों की अनदेखी कर शहरवासियों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

विपक्ष ने चेतावनी दी है कि खाजोद, बुडिया, गभेनी, दीपली, जियाव और भीमराड गांवों के 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। आरोप है कि धुएं का असर भटार, सिटीलाइट और अलथान जैसे इलाकों तक फैल रहा है, जो स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

पायल साकारिया ने कहा कि “क्लीन सूरत, ब्यूटीफुल सूरत” के नारे के पीछे 260 करोड़ रुपये का कचरा घोटाला चल रहा है। कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निपटाने के बजाय उसे जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इसे पर्यावरण के खिलाफ अपराध और आम जनता की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ बताया।

विपक्ष ने प्रशासन से सवाल किया है कि कथित 260 करोड़ रुपये कहां गए, कचरा जलाने का आदेश किसने दिया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी।

साथ ही मांग की गई है कि पूरे कचरा घोटाले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों व नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और कचरे के वैज्ञानिक निपटान को लेकर जनता के सामने पूरी जानकारी रखी जाए।

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