सूरत : इंटरनेशनल ट्रेड में कार्गो सेफ्टी के लिए मरीन इंश्योरेंस अनिवार्य: चैंबर का जागरूकता सेमिनार
‘साल्वेज चार्ज’ और ‘जनरल एवरेज’ जैसे जोखिम भी मरीन पॉलिसी में कवर; एक्सपर्ट ने दिए प्रैक्टिकल उदाहरण
सूरत। इंटरनेशनल ट्रेड में कार्गो और व्यवसाय को सुरक्षित रखने के लिए मरीन इंश्योरेंस बेहद आवश्यक है। इसी विषय पर द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा 17 जनवरी 2026, शनिवार को शाम 5:30 बजे उषाकांत मारफतिया हॉल, सरसाना, सूरत में “मरीन इंश्योरेंस और क्लेम: अपने कार्गो को सुरक्षित रखना / अपने बिज़नेस को सुरक्षित रखना” विषयक एक जानकारीपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया।
इस सेमिनार में द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के डिवीज़नल मैनेजर श्री पुनीत पंड्या ने कार्गो इंश्योरेंस लेने की प्रक्रिया, विभिन्न प्रकार की मरीन पॉलिसी, कवरेज और नुकसान की स्थिति में क्लेम सेटलमेंट को आसान बनाने के लिए आवश्यक बातों पर प्रैक्टिकल गाइडेंस दी।
चैंबर के माननीय मंत्री श्री बिजल जरीवाला ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि चैंबर वर्षभर में 300 से अधिक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करता है। सूरत के तेजी से उभरते एक्सपोर्ट हब बनने के दौर में मरीन इंश्योरेंस पर यह सेमिनार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
कीनोट स्पीकर श्री पुनीत पंड्या ने कहा कि मरीन इंश्योरेंस इंटरनेशनल ट्रेड की शुरुआत से ही मौजूद है और इसके लिए संसद द्वारा एक विशेष कानून भी पारित किया गया है। उन्होंने बताया कि कई अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन भी मरीन इंश्योरेंस को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इंश्योरेंस भरोसे पर आधारित एक कॉन्ट्रैक्ट है और इसमें ‘अटमोस्ट गुड फेथ’ यानी पूर्ण सद्भावना का सिद्धांत सबसे अहम है। इसके तहत इंश्योर्ड और इंश्योरेंस कंपनी, दोनों का दायित्व है कि वे एक-दूसरे से कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी न छिपाएं। विशेष रूप से कार्गो की प्रकृति, पैकेजिंग और यात्रा मार्ग से जुड़ी सही जानकारी देना इंश्योर्ड की जिम्मेदारी है, अन्यथा क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
उन्होंने ‘जनरल एवरेज कंट्रीब्यूशन’ की अवधारणा को उदाहरण के साथ समझाते हुए बताया कि समुद्री यात्रा के दौरान यदि जहाज़, कार्गो या क्रू को बचाने के लिए किसी विशेष कार्गो का त्याग किया जाता है या अतिरिक्त खर्च किया जाता है, तो उस नुकसान की भरपाई सभी स्टेकहोल्डर्स द्वारा साझा की जाती है। सही मरीन इंश्योरेंस पॉलिसी होने पर इंश्योरेंस कंपनी इंश्योर्ड की ओर से यह राशि अदा करती है।
श्री पंड्या ने 2021 में स्वेज़ कैनाल में आई रुकावट का उदाहरण देते हुए बताया कि समुद्री यात्रा के दौरान जहाज़ या कार्गो को बचाने के लिए दी जाने वाली सेवाओं के बदले चुकाए जाने वाले ‘साल्वेज चार्ज’ भी मरीन इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर होते हैं। इसके अलावा उन्होंने मरीन पॉलिसी के प्रकार, कवरेज की शुरुआत और अवधि, क्या कवर नहीं होता, ट्रांज़िट क्लॉज़ और स्पॉट सर्वे के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
चैंबर के ग्रुप चेयरमैन श्री नीरव मंडलेवाला ने ग्लोबल ट्रेड में मरीन इंश्योरेंस के बढ़ते महत्व पर अपने विचार रखे। पूरे कार्यक्रम का संचालन चैंबर की इंश्योरेंस कमेटी के चेयरमैन श्री मेहरनोश टोडीवाला ने किया, जिन्होंने स्पीकर्स का परिचय कराया और अंत में आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर चैंबर के ऑल एग्ज़िबिशन चेयरमैन श्री किरण थुमर सहित इंडस्ट्रियलिस्ट, एक्सपोर्टर, एजेंट, सर्वेयर और बड़ी संख्या में चैंबर के सदस्य उपस्थित रहे। सवाल-जवाब सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों ने मरीन इंश्योरेंस से जुड़े कई व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
