सूरत : चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा ‘जीवन गणित उत्सव’ में ‘कर्म का गणित’ पर अनोखा कार्यक्रम आयोजित
इंसान जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल मिलता है, प्रकृति के इस अटल नियम पर कभी संदेह नहीं करना चाहिए : डॉ. जगदीश त्रिवेदी
सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा सोमवार, 5 जनवरी 2026 को शाम 5:00 बजे, समृद्धि, नानपुरा, सूरत में एक यूनिक कॉन्सेप्ट सीरीज ‘जीवन गणित उत्सव’ के अंतर्गत ‘कर्म का गणित’ विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात ह्यूमरिस्ट, राइटर, पोएट, आर्टिस्ट, फिलॉसफर और डोनर पद्मश्री डॉ. जगदीश त्रिवेदी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
डॉ. जगदीश त्रिवेदी ने अपने व्याख्यान में गणितीय दृष्टिकोण से जीवन के विभिन्न पहलुओं को सरल, रोचक और प्रभावशाली ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति जीवन और व्यवसाय में दिमाग को प्राथमिकता देता है, तो उसे भौतिक लाभ अवश्य मिलते हैं, लेकिन आध्यात्मिक रूप से उसे नुकसान होता है। वहीं, यदि व्यक्ति दिल को प्राथमिकता देकर निर्णय लेता है, तो वह गलत रास्ते पर नहीं जाता। उन्होंने कहा कि जब दिमाग शांत होता है, तभी दिल से सही सोच और सही फैसले संभव होते हैं।
डॉ. त्रिवेदी ने आगे कहा कि आज हर व्यक्ति कुछ न कुछ बोलना चाहता है—कोई अपने पद की, कोई धन की, कोई नाम या शक्ति की बात करता है, लेकिन जीवन के अंत में केवल कर्म ही बोलते हैं। इंसान जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल मिलता है। प्रकृति के इस अटल नियम पर कभी संदेह नहीं करना चाहिए। यदि किसी को दंड मिलता है, तो वह उसके कर्मों का ही परिणाम होता है।
उन्होंने अपने विशिष्ट अंदाज में कहा कि स्वर्ग में सिर्फ कर्म ही फास्ट-ट्रैक होते हैं। जैसे बाजरा बोकर गेहूं नहीं उगाया जा सकता, वैसे ही जीवन में भी कर्म के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। जो व्यक्ति दिमाग को प्राथमिकता देता है, वह हर चीज का हिसाब लगाता है, जबकि जो दिल को प्राथमिकता देता है, वह बिना गिनती किए प्रेम करता है, मदद करता है और सेवा के मार्ग पर चलता है।
कार्यक्रम की शुरुआत चैंबर ऑफ कॉमर्स के वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला के स्वागत भाषण से हुई। चैंबर के तत्कालीन पूर्व प्रेसिडेंट विजय मेवावाला ने मुख्य वक्ता का परिचय कराया। कार्यक्रम के अंत में ऑनरेरी ट्रेजरर सीए मितिश मोदी ने उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन चैंबर के पूर्व प्रेसिडेंट एवं प्रोग्राम चेयरमैन रूपिन पच्चीगर ने किया। यह कार्यक्रम न केवल व्यापारिक समुदाय, बल्कि जीवन मूल्यों और कर्म के महत्व को समझने वाले सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
