सूरत :  टेक्सटाइल मार्केट में असामाजिक तत्वों का आतंक; व्यापारियों को डरा-धमका कर की जा रही अवैध वसूली

FOSTTA कार्यालय में उमड़े पीड़ित व्यापारी; अध्यक्ष कैलाश हाकिम ने कहा—"जल्द पुलिस कमिश्नर से मिलकर मांगेंगे सुरक्षा"

सूरत :  टेक्सटाइल मार्केट में असामाजिक तत्वों का आतंक; व्यापारियों को डरा-धमका कर की जा रही अवैध वसूली

सूरत। सूरत के विभिन्न टेक्सटाइल मार्केटों से जुड़े व्यापारियों ने आज अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर FOSTTA (फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेड एसोसिएशन) कार्यालय में संगठन से संपर्क किया।

इस दौरान मार्केट क्षेत्रों में सक्रिय कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अपनाई जा रही गलत मानसिकता और गैरकानूनी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में व्यापारियों ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व झूठे आरोप लगाकर और गलत तरीकों से व्यापारियों को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा, मार्केट क्षेत्रों में मोबाइल चोरी की घटनाएं, रॉन्ग साइड चलने वाले रिक्शा चालकों की अव्यवस्थित गतिविधियां, ट्रैफिक जाम की समस्या तथा 451 मार्केट के सामने से लेकर मिलेनियम मार्केट के गेट तक अवैध रूप से खड़े होकर जानबूझकर वाहनों को छूना, धमकी देना और अपने अन्य साथियों को बुलाकर व्यापारियों से पैसे मांगने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं।

इन सभी मुद्दों पर व्यापारियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से शीघ्र और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। व्यापारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि मार्केट क्षेत्र में भय का माहौल भी बन रहा है।

इस अवसर पर FOSTTA के अध्यक्ष कैलाश हाकिम ने उपस्थित व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि संस्था इन सभी गंभीर मुद्दों को अत्यंत गंभीरता से ले रही है।

उन्होंने बताया कि FOSTTA जल्द ही पुलिस आयुक्त कार्यालय (सीपी ऑफिस) और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग करेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मार्केट क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन से नियमित और प्रभावी पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने की विशेष मांग की जाएगी, ताकि असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके और व्यापारियों को सुरक्षित व निर्भय माहौल मिल सके।

FOSTTA ने दोहराया कि संगठन हमेशा सूरत के व्यापारियों की समस्याओं, चुनौतियों और सुझावों को शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत करता रहा है और संवाद, समन्वय व सहयोग के माध्यम से व्यावहारिक समाधान की दिशा में निरंतर कार्य करता रहेगा।