सूरत : सूरत में चलती सिटी बस में आग की घटना पर प्रशासन सख्त
पब्लिक ट्रांसपोर्ट कमेटी ने सिटी लिंक अधिकारियों को लगाई फटकार, 400 बसों की फिटनेस रिपोर्ट तलब
सूरत शहर के अमरोली क्षेत्र में यात्रियों से भरी सिटी बस में आग लगने की गंभीर घटना को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल मचा दी है। सूरत महानगरपालिका की पब्लिक ट्रांसपोर्ट कमेटी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सिटी लिंक के कामकाज पर कड़ा रुख अपनाया है।
घटना पिछले शुक्रवार रात की है, जब अमरोली इलाके में सड़क पर चल रही एक सिटी बस में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। बस में करीब 25 यात्री सवार थे, जिनकी जान जोखिम में पड़ गई थी। हालांकि, समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट कमेटी के चेयरमैन सोमनाथ मराठे ने अधिकारियों की कड़ी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ऑपरेटरों को बचाना बंद किया जाए” और यह सवाल उठाया कि आखिर लोगों की जान जोखिम में डालकर बसें क्यों चलाई जा रही हैं। उन्होंने सिटी लिंक अधिकारियों से इस लापरवाही पर जवाब मांगा।
कमेटी ने यह भी सवाल खड़े किए कि तय समयसीमा पूरी कर चुकी डीजल बसें अब भी सड़कों पर क्यों दौड़ रही हैं। जिन बसों की फिटनेस खराब है और जिन्हें ‘कंडम’ घोषित किया जाना चाहिए, उन्हें किसके निर्देश पर परिचालन में रखा गया है—इस पर भी गंभीर आपत्ति जताई गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए चेयरमैन सोमनाथ मराठे ने सख्त आदेश जारी किए हैं। शहर में संचालित सभी 400 सिटी बसों की फिटनेस रिपोर्ट तत्काल प्रभाव से जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी भी बस में तकनीकी खामी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शुक्रवार की घटना की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद जिम्मेदार एजेंसी पर कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
