सूरत : पी.पी. सवाणी परिवार करेगा 133 बिना पिता वाली बेटियों का भव्य ‘कोयलड़ी’ सामूहिक विवाह

विवाह से पहले सभी कपल का थैलेसीमिया और सिकल सेल का ब्लड टेस्ट अनिवार्य किया गया - मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत केंद्रीय व राज्य मंत्री होंगे उपस्थित

सूरत : पी.पी. सवाणी परिवार करेगा 133 बिना पिता वाली बेटियों का भव्य ‘कोयलड़ी’ सामूहिक विवाह

सूरत। पिछले 18 वर्षों से सेवा और संवेदना की मिसाल बन चुका पी.पी. सवाणी परिवार इस वर्ष भी 20 और 21 दिसंबर को 133 बिना पिता वाली बेटियों का भव्य सामूहिक विवाह आयोजित करने जा रहा है। यह आयोजन अब्रामा स्थित पी.पी. सवाणी चैतन्य विद्यासंकुल में ‘कोयलड़ी’ थीम पर किया जाएगा।

इस दो दिवसीय विवाह महोत्सव में मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुखभाई मंडाविया, केंद्रीय उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री नीमूबेन बांभनिया, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीशभाई विश्वकर्मा, स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुलभाई पनशेरिया, सूरत के मेयर दक्षेशभाई मावानी सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, 16 पद्मश्री विजेता, संत और गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे और कन्यादान करेंगे।

महेशभाई सवाणी ने बताया कि यह सिर्फ विवाह नहीं, बल्कि पिता की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है। अब तक वे 5539 बिना पिता वाली बेटियों के पालक पिता बन चुके हैं।

इस वर्ष विवाह करने वाली 133 बेटियों में से करीब 90% ऐसी हैं जिनके न पिता हैं और न ही भाई। ये बेटियां गुजरात समेत 4 राज्यों और 17 जिलों से हैं, जिनमें मुस्लिम, ईसाई, दिव्यांग सहित 37 विभिन्न जातियों की बेटियां शामिल हैं।

इस आयोजन में मुस्लिम बेटियों का निकाह, ईसाई और हिंदू बेटियों का विवाह उनके-अपने रीति-रिवाजों से एक ही मंडप में संपन्न होगा। ‘पांच फेरों’ से शुरू होकर यह आयोजन सामाजिक एकता और मानवीय संवेदना का संदेश देगा।

बिना पिता वाली बेटियों और उनके परिवारों को जीवनभर सहारा देने के लिए पी.पी. सवाणी ट्रस्ट द्वारा संचालित “सेवा संगठन” को डिजिटल रूप दिया गया है। इसका मोबाइल ऐप मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल लॉन्च करेंगे। यह संगठन आज 11,000 से अधिक बहुओं का एक बड़ा परिवार बन चुका है। ऐप के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता, डॉक्टर, वकील, शिक्षक और गाइडेंस टीम की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कुंडली बनवाने से पहले कपल का ब्लड टेस्ट करवाना भी ज़रूरी है। विवाह से पहले सभी कपल का थैलेसीमिया और सिकल सेल का ब्लड टेस्ट अनिवार्य किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ रहे। अगर थैलेसीमिया और सिकल सेल वाले कपल की शादी होती है, तो इस बात की संभावना रहती है कि उनके बच्चों को भी यह बीमारी विरासत में मिले। हर शादीशुदा कपल के ब्लड का थैलेसीमिया टेस्ट करवाया गया है। जांच के बाद ही विवाह की प्रक्रिया शुरू की गई।

विवाह के बाद दामाद कुल्लू-मनाली की धार्मिक यात्रा पर जाएंगे, जबकि दोनों परिवारों की माताएं अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और स्वामीनारायण की छपैया की यात्रा करेंगी। मुस्लिम बहुएं 15 दिन की उमराह (मक्का-मदीना) यात्रा पर जाएंगी। इन सभी यात्राओं का खर्च पी.पी. सवाणी परिवार वहन करेगा। केपी ग्रुप के फारूकभाई पटेल इस सेवा कार्य में सहयोगी हैं।

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