सूरत : भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ
व्यासपीठ से संदीपजी महाराज पहले दिन श्रीमद्भागवत महात्म्य व धुंधकारी मोक्ष प्रसंग का वर्णन किया
श्री राधे मित्र मंडल देलाडवा गाँव डिंडोली सूरत द्वारा सार्वजनिक संगीतमय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन रविवार 14 दिसंबर 2025 से शनिवार 20 दिसंबर 2025 तक देलाडवा गांव, साउथ इंडियन स्कूल के सामने, सूरत में किया जा रहा है।
श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ से पूर्व रविवार सुबह 9 बजे कथा स्थल से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा अंबे माता मंदिर से प्रारंभ होकर देलाडवा गांव, साईं विला सोसायटी सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः कथा स्थल पर पहुंची। कलश यात्रा में मुख्य यजमान अंजनी पांडे सपत्नी सिर पर पोथी एवं कलश धारण कर अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे, जबकि संदीपजी महाराज रथ पर विराजमान थे। रथ के पीछे सैकड़ों महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर भक्ति भाव से यात्रा में शामिल हुईं।
व्यासपीठ से संदीपजी महाराज श्रद्धालुओं को अमृतरूपी श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं। कथा के प्रथम दिन मुख्य रूप से श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य (महत्व) तथा धुंधकारी की प्रेत योनि से मोक्ष के प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया गया।
संदीपजी महाराज ने बताया कि भगवान विष्णु और नारद जी के संवाद के माध्यम से यह समझाया गया है कि कलियुग में भागवत कथा ही मोक्ष का एकमात्र साधन है। कथा में धुंधकारी की जीवन गाथा का वर्णन किया गया, जो अपने कुकर्मों के कारण प्रेत योनि में भटक रहा था। भाई गोकर्ण द्वारा किए गए पिंडदान से भी उसे मुक्ति नहीं मिली, किंतु श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से ही उसे उद्धार प्राप्त हुआ। कथा के प्रथम दिवस का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आयोजकों ने अधिक से अधिक धर्मप्रेमी जनों से कथा में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
