वडोदरा के 406 गाँवों में टिड्डी प्रकोप से फसल नुकसान का सर्वेक्षण पूरा

मुख्यमंत्री के निर्देश पर 107 टीमों ने किया गांव-गांव निरीक्षण; धान, मूंगफली, सोयाबीन और कपास फसलें प्रभावित

वडोदरा के 406 गाँवों में टिड्डी प्रकोप से फसल नुकसान का सर्वेक्षण पूरा

 जिले में टिड्डी प्रकोप और बेमौसम बारिश से किसानों को हुए फसल नुकसान का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के निर्देश पर कृषि विभाग ने 107 टीमों का गठन कर युद्धस्तर पर सर्वे शुरू किया था, जिसके तहत कुल 406 गाँवों का निरीक्षण किया गया।

जिला कलेक्टर डॉ. अनिल धमेलिया और जिला विकास अधिकारी श्रीमती ममता हिरपरा के मार्गदर्शन में तैयार की गई टीमों में कृषि विभाग के अधिकारी, तलाटी मंत्री और विस्तार अधिकारी शामिल रहे। इन टीमों ने खेतों में जाकर नुकसान की स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया।

जिला कृषि अधिकारी नितिन वसावा ने बताया कि टिड्डियों और असमय बारिश के कारण धान, मूंगफली, सोयाबीन और कपास सहित कई फसलों को नुकसान पहुँचा है। कई क्षेत्रों में कटाई के लिए तैयार धान और मूंगफली खेतों की क्यारियों में पुनः अंकुरित होते पाए गए हैं, वहीं कपास की फसल भी प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि सुखलीपुरा सहित कई गाँवों में किसान गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। डभोई, डेसर, कर्जन, पादरा, सावली, शिनोर, वडोदरा और वाघोडिया तालुकाओं के सभी गाँवों में सर्वेक्षण कार्य 3 नवंबर को पूरा कर लिया गया।

सुखलीपुरा गाँव के सरपंच नवनीतभाई परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तत्काल सर्वे के आदेश देने से किसानों को राहत की उम्मीद जगी है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि राज्य सरकार जल्द ही सहायता पैकेज की घोषणा करेगी। वहीं किसान नरेंद्रभाई पटेल ने कहा कि उनके खेत में धान की फसल टिड्डियों से खराब हो गई और कृषि विभाग की टीमों ने समय रहते आकर सर्वे किया है। कृषि विभाग का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट तैयार की जा रही है और इसे जल्द सरकार को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर किसानों के लिए राहत उपाय लागू किए जाएँगे।

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