वडोदरा : योग के नए आयाम की ओर वडोदरा का कदम, सर्पाकार सूर्य नमस्कार के साथ अनूठा योग यात्रा

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर 700 से अधिक योग साधकों ने लिया हिस्सा, योग को आध्यात्मिक अनुभव में बदला

वडोदरा : योग के नए आयाम की ओर वडोदरा का कदम, सर्पाकार सूर्य नमस्कार के साथ अनूठा योग यात्रा

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या (20 जून) को वडोदरा शहर एक अनोखे योग आयोजन का साक्षी बनेगा। एस.एन. फाउंडेशन के मार्गदर्शन में पहली बार शहर में ‘सर्पाकार सूर्य नमस्कार’ की विशिष्ट शैली के साथ योग दिवस मनाया जा रहा है। इस आयोजन में वडोदरा सहित देश के अन्य शहरों से लगभग 700 से अधिक योग साधकों की भागीदारी दर्ज की जाएगी, जिनमें युवा, वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांगजन भी शामिल हैं।

यह आयोजन पारंपरिक 12 योगासनों पर आधारित होते हुए भी आधुनिक और रचनात्मक संरचना के साथ प्रस्तुत किया गया है। ‘सर्पाकार सूर्य नमस्कार’ न केवल शरीर को तीन दिशाओं – आगे-पीछे (धनु), पार्श्व (कोरोनल), और घूर्णन (अनुप्रस्थ) में खोलता है, बल्कि यह योगियों को एक गहन ध्यान प्रवाह की ओर भी ले जाता है। इस अभ्यास में कुल 124 एकीकृत आसनों का समावेश है, जो इसे महज दोहराव (पुनरावर्तन) नहीं, बल्कि एक विकासमूलक प्रक्रिया बनाते हैं।

योग सत्र की शुरुआत सूर्य के 12 पवित्र नामों के उच्चारण वाले ध्वनि विधि से की जाती है, जो शरीर में ऊर्जा संचार को सक्रिय कर मानसिक और शारीरिक संतुलन में मदद करता है। एस.एन. फाउंडेशन के संस्थापक मेरीपेली प्रवीण ने बताया, “यह विधि केवल एक योग अभ्यास नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा है। हर मंत्र का जाप चित्त को स्थिर करता है और शरीर को आगे की कक्षा के लिए तैयार करता है।”

इस अभिनव योग क्रम में 14 विशिष्ट आसनों का अभ्यास किया जाएगा, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों पर प्रभावी कार्य करते हैं – जैसे पीठ, रीढ़, कंधे, हाथ और पैरों में खिंचाव और संतुलन। यह कार्यक्रम केवल शारीरिक लचीलापन और शक्ति का साधन नहीं है, बल्कि आंतरिक स्थिरता और मानसिक शांति की दिशा में एक सचेत कदम है।

वडोदरा में आयोजित हो रहा यह 'सर्पाकार सूर्य नमस्कार' न केवल योग के प्रति नवीन दृष्टिकोण का प्रतीक है, बल्कि यह योग को आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और सौंदर्यपूर्ण दृष्टि से जनमानस से जोड़ने का सराहनीय प्रयास है।

Tags: Vadodara