जब गंगा के बहते पानी में लकड़ी के बक्से में मिली नवजात 'गंगा'

(Photo Credit : twitter.com)

ददरी घाट के किनारे से मिली लकड़ी के बक्से में से नवजात बच्ची, चुनरी में लपेटी थी कुंडली

उत्तरप्रदेश के गाजीपुर के सदर कोतवाली इलाके में रहने वाले मल्लाह गुल्लू चौधरी ने सोचा भी नहीं होगा कि जिस गंगा नदी के घाट पर वह रहता है, वहीं गंगा नदी उसे एक दिन उसकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा तोहफा देंगी। पिछले कई दिनों से जिस गंगा नदी में मात्र लाशें मिल रही थी, उसी गंगा नदी में मल्लाह को एक नवजात बच्ची मिल आई। ददरी घाट के किनारे जब मल्लाह थे तो उन्हें एक बक्सा दिखा। जिसमें से एक बच्ची की रोने की आवाज आ रही थी। 
मल्लाह ने तुरंत ही उस बक्से को ले लिया और जैसे ही उसने बक्सा खोला उसमें से एक उसे एक नवजात बच्ची मिली। बच्ची के साथ-साथ बक्से में दुर्गा माता और विष्णु भगवान की फोटो तथा उसकी कुंडली भी रखी थी। जिसके अनुसार, उसका नाम गंगा था और वह 21 दिन की है, तथा उसका नाम गंगा है।  मल्लाह ने बताया कि बक्से में से बच्ची के रोने की आवाज सुनते हुये भी कोई उसे बचाने के लिए आगे नहीं आया था। जिसके चलते उसने बक्सा उठाया और उसे बच्ची मिली। इसके बाद वह उसे घर ले गया और उसे नहला कर अपने घर में ही रख लिया। 
जिस समय मल्लाह को बच्ची मिली काफी तेजी से बारिश हो रही थी, जिसके कारण उन्होंने पुलिस को इस बारे में सूचना नहीं दी। हालांकि शाम को एक युवक और युवती उसके घर पहुंचे और बच्ची को खुद की बताते हुए उससे बच्ची की मांग करने लगे। पर मल्लाह ने उन्हें बच्ची ना देकर पुलिस को बच्ची दे दी। जिसके बाद खुद ही बच्ची का लालनपालन करने के लिए उन्होंने जिला अधिकारी को एक पत्र लिखा। फिलहाल जिला अधिकारी ने इस बारे में निर्णय लेने के लिए 1 सप्ताह का समय मांगा है। जिसके बाद वह उस बच्ची के बारे में निर्णय लेंगे। तब तक बच्ची को आशा ज्योति केंद्र में रखा गया है। 
सीएम योगी ने koo ऐप पर अपने संदेश में लिखा- 'गाजीपुर में मां गंगा की लहरों पर तैरते संदूक में रखी नवजात बालिका ''गंगा'' की जीवन-रक्षा करने वाले नाविक ने मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है. नाविक को आभार स्वरूप सभी पात्र सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा. प्रदेश सरकार नवजात बच्ची के लालन-पालन का संपूर्ण प्रबंध करेगी.'

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