वायरल वीडियो : कुएं में गिरे गजराज को कुछ इस तरह से गांववालों ने मिलकर निकाला

(Photo Credit : twitter.com)

आईएफएस प्रवीण ने दो साल पहले घटी घटना का वीडियो किया री-पोस्ट

गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि “परहित सरिस धरम नहिं भाई। पर पीड़ा सम नहिं अधमाई।।” जिसका अर्थ होता है कि परोपकार से बढ़कर कोई उत्तम कर्म नहीं और दूसरों को कष्ट देने से बढ़कर कोई नीच कर्म नहीं । परोपकार की भावना ही वास्तव में मनुष्य को ‘मनुष्य’ बनाती है। साधारण शब्दों में कहे तो अगर आप किसी की मदद नहीं कर सकते तो आप इंसान नहीं हैं। हाल ही में एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें कोई एक नहीं बल्कि पूरा गाँव मिलकर एक बेजुबान जानवर की मदद करते नजर आ रहे है। इस वीडियो को देखकर ये समझा जा सकता है कि पर हित से बड़ा कोई धर्म नहीं।
सोशल मीडिया साईट ट्विटर पर भारतीय जंगल अधिकारी प्रवीण कसवान ने एक वीडियो साझा किया है, जिसने एक हाथी एक बड़े से गड्ढे या कुएं में गिरा हुआ दिखाई  दे रहा है। इसके आसपास बहुत से लोग जमा हुए है और सब मिलकर हाथी को बाहर निकालने के लिए जद्दोजहद करते हुए नजर आ रहे है। बड़ी मशक्कत के बाद लोग उस विशालकाय जानवर को बाहर निकालने में सफल भी रहे। ये वीडियो उड़ीसा के सुंदरगढ़ का बताया जा रहा है।
एक घंटे पहले अपलोड की जाँच करने पर पता चला कि ये दो साल पुरानी घटना है और इसी वीडियो को अधिकारी प्रवीण 25 अक्टूबर 2019 को अपलोड कर चुके है। फ़िलहाल लोग इस वीडियो को बहुत पसंद कर रहे है और इस पर कमेंट भी कर रहे हैं।

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