वडोदरा : पीएम मोदी का नाम सुनते ही अस्पताल ने 60 लाख का बिल माफ किया, जानें क्या है हकीकत

वडोदरा से पेरिस यात्रा पर गये डॉ. अनिल गोयल की फाइल तस्वीर

गुजरात के शख्स को पेरिस प्रवास के दौरान पड़ा था दिल का दौरा

वडोदरा के एक डॉक्टर को पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वीवीआईपी मुफ्त इलाज मिला। वडोदरा से पेरिस यात्रा पर गये डॉ. अनिल गोयल को गत  12.08.22 को दिल का दौरा पड़ा। परिजनों ने इलाज के लिए एंबुलेंस से संपर्क किया। स्थानीय भाषा न जानने पर डॉक्टर और परिवार ने प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात से आने की बात कही। इस डॉक्टर को पेरिस में दिल का दौरा पड़ा और उपचार का 60 लाख का बिल भी बना था। हालांकि अस्पताल ने उनसे एक रुपया भी नहीं लिया।
वडोदरा से पेरिस गए डॉक्टर को दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने डॉक्टरों से पीएम मोदी के गुजरात से आने की बात कह कर वीवीआईपी इलाज करवाया जिससे उनकी जान बच गई। इसके साथ ही 60 लाख रुपये के बिल होने के बावजूद बिना एक रुपया लिए इलाज कर दिया गया।  पेरिस के एक रेस्टोरेंट में बैठा था तभी सीने में दर्द होने लगा। वडोदरा के रेसकोर्स इलाके में रहते एवं रावपुरा में अस्पताल चलाने वाले डॉ. अनिल गोयल ने कहा, मेरा बेटा शाश्वत अमेरिका में बिजनेसमैन है। मैंने और मेरी पत्नी ने पिछले अगस्त में वडोदरा से यूरोप की यात्रा की। जहां पहले हम लंदन में पांच दिन रुके और फिर फ्रांस गए। जहां मेरा बेटा और बेटी भी अमेरिका से आए थे।

एम्बुलेंस स्टाफ ने फोन किया और एक अन्य कार्डियक एम्बुलेंस आ गई


लंदन में पांच दिन बिताने के बाद हम पेरिस, फ्रांस गए। पिछले 12 अगस्त की दोपहर एक रेस्टोरेंट में बैठे थे तभी मेरे सीने में तेज दर्द होने लगा। पसीना और उल्टी आने लगी और घबराहट होने लगी। जहां फ्रेंच भाषा जानने वाली महिला की मदद से एंबुलेंस बुलाई गई। तीन से चार मिनट में एंबुलेंस आ गई। जिसमें मुझे सुलाकर ईसीजी रिपोर्ट की गई। एम्बुलेंस स्टाफ ने फोन किया और एक अन्य कार्डियक एम्बुलेंस आ गई। जिसमें से एक कार्डियोलॉजिस्ट के साथ एक इको मशीन थी। एक डॉक्टर ने मुझे तुरंत दो इंजेक्शन दिए, जिसकी कीमत 50 हजार से एक लाख रुपये तक होगी। 

मैं मोदी के गुजरात से हूं, मोदीजी के लिए हर शख्स खास है


डॉक्टरों ने मुझसे मेरा नाम और देश के बारे में पूछा। मैंने कहा कि मैं एक डॉक्टर और भारतीय हूं। उन्होंने मुझसे पूछा कि आप मुंबई से हैं या दिल्ली से? मैंने कहा नहीं मैं गुजरात से हूं। लेकिन उन्हें समझ नहीं आया। तो मैंने अंग्रेजी में कहा कि मैं मोदी के गुजरात से हूं, मोदीजी के लिए हर शख्स खास है। यह सुनकर उन्होंने एक अस्पताल को फोन किया और फ्रेंच में बात करने लगे। जिसमें मुझे तीन शब्द समझ में आए। जिसमें पहला शब्द भारतीय, दूसरा शब्द डॉक्टर और तीसरा शब्द मोदी...मोदी...आठ से दस बार बोला। इसके साथ ही मेरे परिवार वालों को बिना कुछ कहे एम्बुलेंस सीधे अस्पताल की ओर दौड़ पड़ी।
घरवाले सोचने लगे कि यह मुझे कहाँ ले गया? तो वहां मौजूद लोगों ने कहा कि यह एंबुलेंस एक निजी अस्पताल की है और उन्हें वहां ले गई। केवल पांच मिनट में यानी 2:15 बजे अस्पताल ले जाया गया और मुझे 2:20 पर सीधे ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। उसने मेरा पंजीकरण नहीं कराया, कोई फॉर्म नहीं भरा, परिवार से बिना किसी खर्च के बारे में बात किये, परिवार और मेरी सहमति के बिना सीधे इलाज देना शुरू कर दिया। तब तक मेरे पास मेरा पासपोर्ट भी नहीं था। मैं खुद एक आर्थोपेडिक सर्जन हूं और 43 साल से एक डॉक्टर के रूप में अभ्यास कर रहा हूं लेकिन मैंने कभी किसी को इतनी जल्दी इलाज करते हुए कहीं नहीं देखा। विदेशी टूरिस्ट होने के बावजूद मेरे कोरोना टेस्ट का इंतजार नहीं किया गया और मेरा इलाज शुरू हो गया। 

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