वडोदराः समरस हॉस्टल, कोविड अस्पताल की सुविधाओं को बढ़ाने कर्मयोगियों ने रात्रि जागरण किया

कर्मयोगियों ने दो दिनों तक रात्रि जागकर 10 और वेंटिलेटर स्थापित किए

पादरा के बाद डभोई के सरकारी दवाखाना में शुरू हुआ कोरोना का इलाज

कोविड के खिलाफ युद्ध सतत जारी है, इस मोर्चे से सकारात्मक और आशाजनक खबर मिली है। राज्य सरकार के समर्थन के साथ, विशेष कर्तव्य अधिकारी और शिक्षा सचिव डॉ. विनोद राव के नेतृत्व में वडोदरा की  सयाजी अस्पताल की पूरक सुविधा के रूप में समरस हॉस्टल में सुसज्जित कोविड अस्पताल शुरू किया गया है।
गत रात से, 40 मरीज जो चिंतित चेहरे के साथ दाखिल हुए थे और इलाज से ठीक हो गए, उनके चेहरे पर मुस्कान के साथ  डिस्चार्ज हुए।  यहां काम करने वाले कर्मियों की तकनीकी टीम रात में सतत दूसरे दिन रात्रि जागरण कर आधी रात के आसपास अस्पताल के लिए लगभग 10 और वेंटिलेटर स्थापित किए। इससे पहले, 20 वेंटिलेटर वाले आईसीयू का संचालन यहां किया गया था। अब तक करीब 200 मरीजों को यहां इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। अब 30 वेंटिलेटर वाले आईसीयू काम कर रहे हैं।
दूसरी ओर, जिला कलेक्टर श्रीमती शालिनी अग्रवाल के नेतृत्व में, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य प्रशासन ने तालुका स्तर पर सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड सुविधाओं के साथ कोविड अस्पतालों को शुरू करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरु किया है। जिसकेभाग रुप इसे पहले पादरा और फिर डभोई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरू किया गया। पहले मरीज को कल रात डभोई में भर्ती कराया गया था।
आशय यह है कि यदि यह सुविधा तालुका स्तर पर उपलब्ध है, तो मरीज को वड़ोदरा तक नहीं भागना पड़ेगा और शहरी सरकारी अस्पतालों पर बोझ कम होगा। जिले के सावली, पादरा, कर्जन और डभोई के निजी अस्पतालों को भी कोविड उपचार सुविधाओं का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
आपदा निश्चित रूप से बड़ी है, यह व्यापक है, लेकिन अगर मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसी सतर्कतापूर्ण सावधानियों का ध्यान रखा जाए, तो राज्य की शक्ति निश्चित रूप से बेहतर और अधिक लाभकारी परिणाम देगी।

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