वडोदरा : दिव्यांगजन को खुद कैलीपर्स पहनाकर कलेक्टर ने दिखाई संवेदना!

कलेक्टर ने दिव्यांगजन को खुद कैलीपर्स पहनाया

दिव्यांग पुनर्वास केंद्र द्वारा विश्व विकलांगता दिवस के अवसर पर दिव्यांगों को नई राह और आशा दी

 जिला प्रशासन दिव्यांगों से कितना जुड़ा है आज एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जिला दिव्यांग  पुनर्वास केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कलेक्टर आर. बी. बारड ने  दिव्यांगों को सहायता वितरित करने के बदले सीधे उनके पास गए और कैलीपर्स पहनाया। इतना ही नहीं? ये कैलीपर्स ठीक से बने हैं या नहीं? क्या इसे पहनने में कोई दिक्कत है? यह बात भी सुनिश्चित की।
विश्व  दिव्यांगता दिवस के अवसर पर यहां के एसएसजी अस्पताल में दिव्यांगजनों  को उपकरण सहायता वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तहत दिव्यांग पुनर्वास केंद्र द्वारा आयोजित शिविर में 25 दिव्यांगों को उनकी जरूरत के उपकरण उपलब्ध कराए गए।
दिव्यांग पुनर्वास केंद्र द्वारा इन उपकरणों को उपलब्ध कराने में तकनीकी सघनता दिखाई गई है। सिविल अस्पताल के संदर्भ से आने वाली दिव्यांगता की स्थिति में रोगी के अंग के अनुरुप और अनुकुल उपकरण बनाने के लिए माप लेकर आंकलन कर इन उपकरणों को  बनाया जाता है। बाद में मरीजों को दिया जाता है। इस केंद्र द्वारा हर साल करीब आठ हजार उपकरण मुहैया कराए जाते हैं।
आज के कार्यक्रम में प्रेमकुमार दिल्लीवाला नाम के दिव्यांग व्यक्ति का मामला दिलचस्प है। किसी कारण से उनके पैरों में गैंगरीन हो गया। आम तौर पर, असामान्य मधुमेह वाले व्यक्ति में गैंग्रीन होने की संभावना अधिक होती है। हालांकि, प्रेमकुमार को मधुमेह नहीं था और फिर भी गैंगग्रीन के कारण उनका दाहिना पैर घुटने के नीचे से काटना पड़ा। वे नवजीवन पेंट्स में काम करते हैं।
उनकी स्थायी दिव्यांगता  और वित्तीय जरूरत को देखते हुए कंपनी के प्रबंधकों ने उन्हें नौकरी शुरू करने के लिए कहा। कंपनी ने प्रेमकुमार के अनुकूल डेस्क वर्क प्रदान करने के लिए तत्परता दिखाई। दिव्यांगों के प्रति इस तरह के रवैये की जरूरत है। कलेक्टर आर. बी. बारड ने खुद उन्हें कैलिपर्स पहनाए। यह है प्रधानमंत्री  नरेन्द्र भाई मोदी के सुगम्य भारत अभियान का परिणाम !
एक अन्य मामले में 62 वर्षीय महेंद्रभाई बाबूभाई सोलंकी एक साल पहले अपनी ड्राइविंग नौकरी के दौरान एक वाहन का टायर बदल रहे थे और उन्हें चोट लग गई थी। अंगुली में लगी चोट पूरे हाथ में फैल गया। एसएसजी में उनकी जांच की गई और बाद में उनका हाथ काटना पड़ा। अब, उन्हें एक कृत्रिम हाथ लगाया गया है। वह कृत्रिम हाथ से सुरक्षा गार्ड की नौकरी पाने की उम्मीद करते हैं।
कलेक्टर ने दिव्यांगजनों से अपील की कि वे आगामी आम चुनाव में जनजन से जुड़ने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा दिव्यांगों को मतदान में जाने के लिए दी जाने वाली सुविधाओं की भी जानकारी दी। इस दौरान सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अय्यर और डॉ. माथुर उपस्थित थे।

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