रक्षाबंधन : बाज़ारों में दिख रहा कोरोना का असर, मास्क और सेनेटाइजर की राखियों का बढ़ा चलन

(Photo Credit : divyabhaskar.co.in)

राजकोट की हिनाबेन ने बनाई वैक्सीनेशन के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए खास राखियाँ

कुछ ही दिनों में भाई और बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार आने वाला है। हर साल की तरह इस साल भी नई-नई डिजाइन की राखियों का ट्रेंड बाजार में देखने मिल रहा है। इस साल भी बाज़ारों में अलग-अलग डिजाइन और थीम की राखियाँ बिकनी शुरू हो गई है। इस साल और सैनिटाइजर सहित, फाफड़ा-जलेबी, कार के साथ-साथ मोदी और रूपानी की तस्वीर वाली राखियाँ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इन सबके बीच राजकोट की एक महिला द्वारा भी एक अनोखी थीम पर राखी बनाई जा रही है। जिसमें महिला द्वारा लोगों को वैक्सीन लगवाने की अपील की जा रही है। 
शहर के एयरपोर्ट रोड पर रहने वाली महिला हिनलबेन पिछले साल से विभिन्न थीम पर राखियाँ बनाती है। अपनी इन राखियों के बारे में बताते हुये हिनलबेन कहती है कि रक्षाबंधन को लेकर वह काफी उत्साहित रहती है। हर साल उन्हें नए-नए थीम पर राखियाँ बनाना पसंद है। इस साल भी वह एक नया थीम लेकर राखी बनाने जा रही है। रक्षाबंधन के त्योहार में बहन अपने भाई की कलाई पर उसकी रक्षा की कामना करते हुये राखी बांधती है। इस साल कोरोना रूपी संकट से रक्षा के लिए वैक्सीन ही एक मात्र उपाय है। इसी मैसेज को उन्होंने अपनी राखियों में उतारा है और सभी को वैक्सीन लेकर सुरक्षित रहने का मैसेज देना चाहती है।  
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हिनलबेन ने कहा कि इस वैक्सीन राखी में उन्होंने मोदी और रूपानी के साथ-साथ वैक्सीन की छोटी बोतल भी राखी है। इसके अलावा सभी को प्रेरित करने के लिए सभी राखियों पर अलग-अलग संदेश भी लिखे गए है। हिनलबेन का कहना है कि सभी को अपनी बारी आने पर वैक्सीन ले लेनी चाहिए और देश को कोरोना मुक्त बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए। 
बता दे कि पिछले साल राजकोट बाजार में फूड राखी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी थी। इस फूड राखी में पीज़ा, बर्गर, मिठाई, सेंडविच और मैगी जैसी फूड दिशा का समावेश होता था। कोरोना संक्रमण से लोगों को रोकने के लिए अधिकतर व्यापारियों ने राखियों का ऑनलाइन व्यापार ही किया था। जिसे काफी अच्छा रिस्पोंस भी मिला था। राजकोट का इमिटेशन मार्केट अपने गहने के साथ राखियाँ बनाने के लिए भी काफी मशहूर है। आम तौर पर मार्च महीने में ही मार्केट में राखियों का ऑर्डर आ जाता है, पर कोरोना के कारण इस बारे मई महीने से ऑर्डर आना शुरू हुये थे। 

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