सुरेन्द्र नगर : बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया! पैसों की खातिर अपने माँ-बाप की हत्या करने पंहुचा बेटा

प्रतिकारात्मक तस्वीर

माँ की गला रेतकर कर हत्या की जबकि पिता गंभीर रूप से घायल, सब कुछ सिर्फ पिता के पास पड़े पैसों के लिए हुआ

सुरेन्द्र नगर के पटदी तालुका के मेरा गांव में एक दंपति पर हुए हमले में महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गई। जबकि महिला के पति को गंभीर चोटें आई हैं। सुरेंद्रनगर पुलिस में घटना के कुछ समय में ही इस हत्याकांड को सुलझा लिया और इसमें कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पटदी मर्डर केस को अंजाम देने वाला और कोई नहीं बल्कि मृतक का बेटा ही था। कपूत के बेटे ने अपने पिता से 2 लाख रुपये लेने के लिए अपनी मां और पिता को मारने की योजना बनाई थी।
जानकारी के अनुसार मेरा गांव निवासी पलाभाई हीराभाई वाघेला और उनकी पत्नी गजराबेन पर 10 जून को हमला किया गया था, जिसमें गजराबेन की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पलाभाई ने हमलावरों का विरोध किया तो हमलावर भाग गए। गंभीर रूप से घायल पालाभाई को इलाज के लिए ले जाया गया। मृतक के बेटे बाबू ने घटना के बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई लेकिन घर में रहते हुए, इतने शोर के बावजूद उसे इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं होना उसे पुलिस के निगाह में शंकास्पद बना दिया। पुलिस पूछताछ में अलग-अलग जवाब मिलने पर बाबू संदेह के घेरे में आ गया। फिर गहन पूछताछ के बाद उसने राज उगल दिया और हत्या की जानकारी पुलिस को दे दी। इसमें कहा गया है कि बाबू के पिता पालाभाई ने हाल ही में अपनी पारिवारिक जमीन बेच दी थी। जिसमें 8 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। जिसमें से दो बेटियों को डेढ़ लाख रुपये और मध्य प्रदेश में रहने वाले दूसरे बेटे को डेढ़ लाख रुपये दिए गए। 1।5 लाख रुपये की कार भी खरीदी।
आगे उसने बताया कि उसकी पिता के बाकी रुपये पर नजर थी। जिसमें उन्होंने गजनवाव में रहने वाले अपने दोस्त जगदीश उर्फ जागो लवजीभाई चावड़ा को भी शामिल किया। 10 जून को दोनों एक साथ मिलकर डबल मर्डर करने पहुंचे, लेकिन जब तक उन्होंने महिला के गले में छुरा घोंपकर उसे मारा तब तक पालाभाई उठ गये और जगदीश को थप्पड़ मारने लगे। इससे जगदीश वहां से फरार हो गया। थोड़ी देर बाद जब बाबू वापस आया तो घर के पास जमा भीड़ से ऐसे मिलने लगे जैसे कुछ हुआ ही न हो। फिलहाल अपने मासूम मां-बाप पर हमला करने वाले इस कपूत को पुलिस ने उसके साथी जगदीश सहित पकड़कर जुर्म को सुलझा लिया।

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