सूरतः ऑक्सिजन की मांग बढने पर बिगड़ सकती है स्थितिः कलेक्टर

प्रतिकारात्मक तस्वीर

रीफिलिंग के समय होने वाले नुकशान को रोकने की अपील

कोरोना केस बढ़ने से हजीरा, अंकलेश्वर, करजण, जघडिया एवं जामनगर से सूरत शहर में ऑक्सीजन भेजा जा रहा है। निजी हॉस्पिटल एजेंसी से ऑक्सीजन की बोतलें लेते हैं। सूरत कलेक्टर डॉ. धवल पटेल ने लोगों को चेताया है कि ऑक्सीजन जितना बचा सको उतना बचत करो। प्रतिदनि 200 टन ऑक्सीजन का उपयोग है।  सूरत में लगातार कोरोना के केस बढ रहे है। कलेक्टर ने कहा कि ऑक्सिजिन मांग बढने पर स्थिति बिगड़ सकती है। लोगों से रिफलिंग के समय ऑक्सिजन बचाने की हिदायत दी है।
सूरत में कोरोना महामारी का कहर फैला हुआ है। कोरोना के केस बढने से हजीरा, अंकलेश्वर,करजण, झघडिया और जामनगर से ऑक्सिजन मंगवाया जा रहा है।  निजी अस्पतालें एजेन्सी के पास से ऑक्सिजन की बोतलें मंगवा रहे है।  सूरत जिला कलेक्टर ने लोगों को चेताया है कि ऑक्सिजन की बचत करो। हररोज 200 टन ओक्सिजन का उपयोग हो रहा है। ऑक्सिजन रिफलिंग के समय ऑक्सिजन का वेस्ट होता है। लोगों से अपील की है कि सप्लायर इस बाबत का ध्यान रखें कि रीफिल‌िंग के समय ऑक्सीजन का नुकशान न हो।  सूरत में यदि ऑक्सिजन की मांग बढ़ती है तो  स्थिति बिगड़ सकती है। सूरत में कोरोना की दूसरी लहर में गंभीर मरीजों की संख्या दिन ब दिन बढती जा रही है। सिविल अस्पताल में हररोज 60 मेट्रिक टन और स्मिमेर अस्पताल में हररोज 25 मेट्रिक टन ओक्सिजन की खपत हो रही है। सूरत शहर व जिले के सभी अस्पतालों को मिलाकर हररोज कुल 230 मेट्रिक टन ओक्सिजन की खपत हो रही है। ऐसे माहौल में ओक्सिजन का व्यय किसी भी रूप से स्वीकार्य नहीं है। कलेक्टर ने लोगों को ऑक्सिजन का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करने की अपील की है। ऑक्सिजन का व्यय रोककर ऑक्सिजन का संयमित रूप से उपयोग करने की कलेक्टर ने अपील की है। 

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