सूरत: प्रिया अस्पताल द्वारा शव को सड़क पर रखने को लेकर उड़िया समाज ने की जांच की मांग

समाज के लोगों ने अस्पताल के अमानवीय कृत्य की जांच की मांग की

चार लोगों ने रात में सड़क पर शव को रखते सीसीटीवी में कैद

शहर में कोरोना काल के इस विकट समय एक अस्पताल द्वारा मृतदेह को सड़क पर रखने का दुखद मामला प्रकाश में आया है। शहर के पांडेसरा क्षेत्र में प्रिया हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक कोविड-19 मरीज की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों द्वारा बिल नहीं चुकाये जाने पर अस्पताल द्वारा देर रात्रि शव को सड़क पर रखने जैसी अमानवीय घटना सामने आई है।   समाज के अग्रणियों  ने इस बारे में सीसीटीवी का भी खुलासा किया है। जिसमें चार लोग रात में अस्पताल के सामने सड़क पर शव रखते देखे जा रहे हैं। जिससे इस मानवता को कलंकित करने वाली घटना की  उड़िया समाज ने जांच की मांग की है।
पांडेसरा इलाके में स्थित प्रिया जनरल अस्पताल में  बमरोली इलाके में रहने वाले उड़िया समाज के भगवानभाई नायक को इलाज के लिए 24 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट कराने पर कोरोना पॉजीटिव आया था। भगवान नायक के परिवार ने डिपोजिट के रूप में 20,000 रुपये का भुगतान किया था। तब इसके बाद इलाज शुरू किया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद प्रिया जनरल अस्पताल द्वारा दवा के 50 हजार रुपये भुगतान करने के लिए कहा। परिवार के सदस्यों ने 30 अप्रैल को मरीज की मौत के बाद 50,000 रुपये इकट्ठा करने के लिए कुछ समय मांगा था।
मृतकों के परिवार के सदस्यों को प्रिया जनरल अस्पताल के प्रशासकों द्वारा बताया गया था कि बिल का भुगतान होने तक शव उन्हें नहीं सौंपा जाएगा। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने परिजनों द्वारा बिल नहीं देने पर शव को अस्पताल के बाहर सड़क पर रखवा दिया। अस्पताल प्रशासन द्वारा अमानवीय रूप से लाश को अस्पताल के बाहर रखने की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी कैमरा में  स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि कोविड सकारात्मक लाश होने के बावजूद किस स्थिति में बाहर रखा गया था। अस्पताल द्वारा किये गये अमानवीय कृत्य की जांच की मांग समाज ने की है।
बमरौली में रहने वाले उड़िया समाज के भगवान नायक के साथ हुए अमानवीय कृत्य को उनके समाज के अग्रणियों  ने अस्पताल द्वारा किये गये अमानवीय वर्तन से मृतक के परिजनों ने बवाल मचाया था। इसके बाद सोमवार को पुलिस आयुक्त को लिखित में ज्ञापन देकर प्रिया जनरल हॉस्पिटल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। 

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