सूरत : ऑक्सिजन पाने की जद्दोजहद, कलेक्टर ने ऐसे दिखाई सख्ती

डॉ. धवल पटेल (सूरत जिला कलेक्टर )

आईनोक्स ने सूरत को ऑक्सिजन देने से किया इंकार तो अन्य शहरों-राज्यों की आपूर्ति रोकी

सूरत में ऑक्सीजन की किल्लत के कारण मरीजों की हालत खराब है, लेकिन सूरत में ही उत्पादित ऑक्सीजन सूरत के लोगों को ही नहीं मिल रहा। ऐसे में कलेक्टर ने अपनी सत्ता का जोर दिखाते हुए गुजरात के बाहर भेजे वाले जाने वाले ऑक्सीजन की सप्लाई रूकवा दी थी। बुधवार को हजीरा के आईनॉक्स ने सूरत को 86 मेट्रिक टन ऑक्सीजन देने के बाद अधिक ऑक्सीजन देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद एडिशनल कलेक्टर आरआर बोरड पुलिस स्टाफ के साथ कंपनी पर पहुंच गए थे और नवसारी, वलसाड, मध्यप्रदेश की ओर से जाने वाले टैंकर को रोक लिया। 
कलेक्टर का कहना है कि सूरत को 120 मेट्रिक टन ऑक्सीजन नहीं दिया जाएगा तो किसी को नहीं मिलेगा। ऑक्सीज़न नहीं देने पर कलेक्टर ने ऑक्सीजन के साथ नाइट्रोजन और आर्गन की भी सप्लाई रोक दी थी। सूरत को जितनी जरूरत है उतना उत्पादन सूरत में कंपनियां कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद सूरत के लोगों को ऑक्सीजन के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को आईनॉक्स ने सिविल और मनपा संचालित हॉस्पिटल को ऑक्सिजन देने से इनकार कर दिया। कलेक्टर ने आईनॉक्स कंपनी के अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई। इसके बावजूद कंपनी ने कलेक्टर की विनंती अनदेखी की तब कलेक्टर ने एडिशनल कलेक्टर आरआर बोरड और पुलिस को भेज वलसाड, मध्य प्रदेश और बड़ौदा जाने वाले टैंकर रोक दिए।
शहर के अस्पतालों में लगातार ऑक्सीजन की कमी सामने आ रही है
कलेक्टर की कार्यवाही के बाद आईनॉक्स कंपनी के अधिकारी परेशान हो गए। सूरत में हजीरा की आईनॉक्स कंपनी से ऑक्सीजन के लिए मध्य प्रदेश से मिलिट्री के विशेष विमान से दो टैंकर सूरत एयरपोर्ट पर लाए गए थे। यह दोनों टैंकर भरकर एयर कार्गो वापिस मध्य प्रदेश जाएगें, एयर कार्गो के आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया और दोनों टैंकर कंपनी से बाहर नहीं जाए इसलिए प्रशासन द्वारा वॉच रखी गई। बता दे कि सूरत को 220 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता के सामने बुधवार को 153 मेट्रिक ट्रेन ऑक्सीजन मिला था। आईनॉक्स ने 86 मेट्रिक टन ऑक्सीजन दिया था जबकि बाकी का ऑक्सीज़न जामनगर की रिलायंस, लिंडे और अन्य रिफाइनरी से मिला था। इस तरह लगातार तीसरे दिन भी 70 मेट्रिक टन की कमी रही। 
सूरत में ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज परेशान हो रहे हैं। हजीरा की आईनॉक्स कंपनी प्रतिदिन 225 मेट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन करती है, जिसमें की सूरत को सिर्फ 80 से 90 टन का स्टोक दिया जाता है। बाकी 135 से 140 मैट्रिक का मध्य प्रदेश वडोदरा, नवसारी और वलसाड को दिया जाता है। प्रतिदिन 225 मेट्रिक टन से 120 मेट्रिक टन ऑक्सीजन देने में भी कंपनी ना-नुकुर कर रही है।

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