सूरत : रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर रही अस्पताल की महिला कर्मचारी को पुलिस ने ऐसे पकड़ा

(Photo : IANS)

पुलिस ने डमी ग्राहक भेजकर भांडो फोड़ा

कोरोना संक्रमण में इंसान को इंसान की मदद की जरूरत है लेकिन ऐसे में भी कुछ लोग लाभ कमाने से नहीं चूक रहे हैं। शहर में प्रतिदिन रेमडेसिविर की कालाबाजारी की जा रही है।हाल में ही रांदेर में मालवीय हॉस्पिटल में बिलिंग कर्मचारी के तौर पर काम करने वाली महिला के पास नकली ग्राहक भेज कर तीन इंजेक्शन के साथ पुलिस ने पकड़ लिया। उसका पति भी इस गोरखधंधे में उसका साथ दे रहा था। फिलहाल उसके पति का रिपोर्ट कोरोना पॉज़िटिव आने के कारण उसे हॉस्पिटल में दाखिल किया गया है। 

पुलिस ने रखी थी वॉच
क्राइम ब्रांच की टीम ने अडाजण के अष्टविनायक सोसाइटी के पास वॉच रखी थी।अडाजण के साईं रचना सोसायटी में रहने वाला हितेश महेंद्र रेतीवाला रेमेडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाज़ारी कर रहा था। पुलिस ने एक नकली ग्राहक के माध्यम से उसका संपर्क किया।उसने कहा कि  एक इंजेक्शन के लिए 11000 रूपए लगेगा। यह इंजेक्शन लेकर हितेश ने अपनी पत्नी रश्मि को भेजा था। रश्मि को आते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे 3 इंजेक्शन कब्जे में ले लिया। रश्मि ने बताया कि वह मालवीय हॉस्पिटल में बिलींग काउन्टर स्टाफ में नौकरी करती है। होम लोन, एलआईसी का प्रीमियम आदि  के हफ्ते नहीं भरे होने के कारण उसने कालाबाजारी शुरू कर दी थी। रश्मि का पति पहले इस तरह से ब्लैक में वैक्सिन बेच चुका है।

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