सूरत : इस रक्षाबंधन को अनोखे तरह से मनाने जा रहा पटेल समाज, राखी बांधने के बाद ‘नशा मुक्ति’ का उपहार लेंगी बहनें

पटेल समुदाय ने तय किया है कि रक्षाबंधन पर हर घर में बहनें अपने भाई को राखी बांधेंगी और उपहार के रूप में कुछ भी स्वीकार करने से भाई से उसके व्यसन के लत को छोड़ने का वादा मांगेंगी

आज देश भर में आंशिक रूप से रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जा रहा है। त्यौहार के शुभ मुहूर्त को लेकर थोड़ी संशय है और इसीलिए लोग आज और कल को लेकर असंजस की स्थिति में है। हालांकि सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज रक्षाबंधन पर्व को अलग तरीके से मनाकर समाज को स्वस्थ बनाने का प्रयास कर रहा है। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र संबंधों का पर्व माना जाता है। भाई की जान बचाने के लिए बहन हाथ पर राखी बांधती है और भाई बहन को राखी बांधने पर जीवन भर सुरक्षा करने का वचन और कोई अनमोल तोहफा देता है। ऐसे में इस बार पटेल समुदाय ने तय किया है कि रक्षाबंधन पर हर घर में बहनें अपने भाई को राखी बांधेंगी और उपहार के रूप में कुछ भी स्वीकार करने से भाई से उसके व्यसन के लत को छोड़ने का वादा मांगेंगी। उसके बाद ही उपहार स्वीकार किया जाएगा। 
आपको बता दें कि एक ओर जहाँ बहन भाई की जान बचाने के लिए भाई के हाथ पर राखी बांधती है, वहीं व्यसन जीवन को आर्थिक, सामाजिक और शारीरिक रूप से नष्ट कर देता है। ऐसे में अपने भाइओं को वास्तविक अर्थों में सुरक्षित रखने के लिए बहानें उनसे व्यसन छोड़ने का वादा मांगेगी। वर्तमान समय में युवा पान, मावा, मसाला, बीड़ी, सिगरेट का उपयोग कर रहे हैं। तंबाकू से परे जाकर शराब और नशीली दवाओं की लत तक पहुंच गया।
लगातार बढ़ रही हैं युवाओं में नशे की लत
आपको बता दें कि ये मुद्दा समाज के नेताओं के लिए बड़ी चिंता की बात है। सामाजिक समारोहों, मिलन समारोह, मिलन आदि कार्यक्रमों में नशामुक्ति के बारे में जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जाता है। कुछ संगठन स्थायी आधार पर नशामुक्ति के लिए काम करते हैं। लेकिन समाज के नेता इस बात से हैरान हैं कि समाज में नशा करने वालों की संख्या घटने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज से जुड़े 300 से अधिक छोटे-बड़े संगठन हैं और अधिकांश संगठनों में युवा कार्यकर्ता हैं। समाज ने सभी कार्यकर्ताओं को एक पत्र लिखा है और बहनों से विशेष रूप से अनुरोध किया है कि वे भाई से नशा छोड़ने का उपहार मांगें।
व्यसन सभी जातियों का एक जटिल मुद्दा है
इस बारे में जानकारी देते हुए सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज के अध्यक्ष कांजीभाई भल्लाला ने कहा यह न केवल पटेल समुदाय के लिए बल्कि पूरे समाज की सभी जातियों के लिए एक जटिल मुद्दा है। युवाओं में नशे की मात्रा बढ़ती जा रही है, इसलिए रक्षा बंधन जैसे भावनात्मक त्योहार के अवसर पर नशे की लत को प्यार से छोड़ने की बात करें तो, शायद लत छूट जाए। यह संदेश 300 संगठनों के माध्यम से हजारों परिवारों तक पहुंचा है।

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