सूरतः जर्जरित मान दरवाजा टेनामेन्ट के निवासियों को पालिका ने जारी किया नोटिस

पुनर्विकास नहीं होने से लोगों को भय में जीने को मजबूर कर रही है।

टेनामेन्ट वासियों ने पालिका पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने का लगाया आरोप

शहर के मानदरवाजा टेनामेंट में लोग खतरे में जी रहे हैं। मकान काफी जर्जर होने के कारण पालिका की ओर से नोटिस जारी किया गया है। रहवासियों से कहा गया है कि आवास को तत्काल प्रभाव से खाली कर दिया जाए। पालिका द्वारा कार्यवाही शुरू करने के बाद से टेनामेन्ट निवासियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। टेनामेन्ट के चौथे मंजिल पर कुछ दिन पहले जब एक स्लैब गिर गया तो पालिका को खाली कराना पड़ा।  लगभग सभी अपार्टमेंट में समान स्थिति होने के बावजूद लोग वहां रहने को मजबूर हैं।
हालांकि अपार्टमेंट के निवासी पुनर्विकास के लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन निगम द्वारा निवासियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। 2019 में टेंडर जारी होने के बाद राज्य सरकार द्वारा पुनर्विकास की नीति में बदलाव किया गया।
निगम पिछले दो वर्षों से राज्य सरकार को नगर विकास विभाग को मान दरवाजा मकान के बारे में लिखित रूप से सूचित कर रहा है। लेकिन राज्य सरकार के उदासीन रवैये के कारण पुनर्विकास के तहत काम शुरू नहीं हो सका। इसके चलते लोग जर्जर मकान में रहने को मजबूर हैं। मानसून के मौसम में ऐसी जर्जर इमारतों के ढहने की संभावना है। राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग और निगम के बीच तालमेल की कमी ने लोगों की जान जोखिम में डाल दी है।
स्थानीय निवासी जयेश राणा ने बताया कि टेनामेन्ट 2013 से जर्जर है। बावजूद इसके निगम के अधिकारी हमें कोई वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान करने में विफल रहे हैं। राणा समाज के अधिकांश लोग टेनामेन्ट  में रहते हैं। कोरोना के संक्रमण काल ​​में उनकी आर्थिक स्थिति भी बहुत दयनीय हो गई है। ऐसे समय में के जीर्ण-शीर्ण आवास के कारण निगम के अधिकारी हमें खाली करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। हमारे द्वारा टेनामेन्ट रिडेवलपमेन्ट के लिए सहमति दे दियाी गया है। बावजूद इसके शहर की अन्य पुनर्विकास परियोजनाओं में हमारे टेनामेन्ट को शामिल नहीं किया गया है।

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