सूरत : मनपा को 40 साल में रेलवे से पोदार आर्केड से सूर्यपुर गरनाला तक की जगह मिली

रेलवे की जमीन का कब्जा ले रहे नगर निगम अधिकारी

सूरत स्टेशन के पास यातायात समस्या हल करने के लिए रेलवे से जगह प्राप्त करने के लिए सूरत महानगरपालिका को ४० साल का समय लगा

सूरत रेलवे स्टेशन के पास रास्ता चौडा होने से यातायात की समस्या जल्द हल होगी 
सूरत शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अराजक स्थिति के कारण शहर में यातायात की समस्या विकराल होती जा रही है। फ्लाईओवर बनने के बाद भी कई जगह ऐसी है जहां लोगों को ट्राफिक की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।सूरत नगर निगम ने 40 वर्षों के बाद आखिरकार वराछा जोन में पोदार आर्केड से सूर्यपुर गरनाला तक रेलवे विभाग के स्वामित्व वाली भूमि का अधिग्रहण कर लिया है। केंद्रीय रेल मंत्री की मदद से आखिरकार काम पूरा कर लिया गया है। पोदार आर्केड और गरनाला के पास ट्रैफिक जाम से अब कुछ हद तक यातायात से राहत मिलना संभव है। कई वर्षों तक सूर्यपुर गरनाला के पास रेलवे कॉलोनी की साइट को रेल विभाग द्वारा सूरत निगम को नहीं सौंपा गया था। कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण बार-बार विचार-विमर्श करने के बाद भी यह समस्या हल नहीं हुई। रेलवे कॉलोनी के 301 वर्ग मीटर की जगह पर सालों से ट्रैफिक की समस्या बनी हुई थी। वराछा से सूरत बस अड्डे तक आने-जाने में काफी दिक्कतें आईं। इस सड़क का इस्तेमाल रोजाना लाखों वाहन चालक करते हैं। स्थायी समिति के अध्यक्ष परेश पटेल ने कहा कि वराछा रोड का सालों पुराना सवाल सूरत की सांसद और राज्य की रेल मंत्री दर्शनाबेन के प्रयासों से सुलझाया गया है। सूरत में प्रवेश करने के लिए मुख्य सड़क पर रेलवे गरनाला के पास रेलवे द्वारा कब्जा की गई भूमि के लिए सूरत नगर निगम द्वारा पर्याप्त मुआवजा दिया गया और आज अतिक्रमण हटाकर जमीन का कब्जा लेने का कार्य किया गया। और अगले दो दिनों में एसएमसी द्वारा वराछा के लोगों द्वारा इस रास्ते का उपयोग करने की व्यवस्था की जा रही है।

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