सूरत- तापी जिले के पशुपालकों को दूध का भाव वृद्धि देने के लिए सुमुल डेरी के संचालकों को ज्ञापन

सूरत में सुमुल डेरी की फाईल तस्वीर

सूरत और तापी जिले में 2.50 लाख पशुपालकों की ओर से कांग्रेस अग्रणियों द्वारा सुमुल डेरी के संचालक तथा जिला कलेक्टरों को ज्ञापन देकर दूध के प्रति किलो फेट पर 40 रुपये की भाव देने की मांग की गई।

डॉ. तुषार चौधरी, आनंद चौधरी और दर्शन नायक द्वारा सूरत-तापी कलेक्टर एवं सुमुल डेरी के संचालकों से पेशकश की 
सूरत और तापी जिले में 2.50 लाख पशुपालकों द्वारा संचालित दक्षिण गुजरात की सबसे बडी सुमुल डेरी के पशुपालकों की ओर से कांग्रेस अग्रणियों द्वारा सुमुल डेरी के संचालक तथा जिला कलेक्टरों को ज्ञापन देकर दूध के प्रति किलो फेट पर 40 रुपये की भाव देने की मांग की गई। 
पिछले एक साल से कोरोना महामारी ने समग्र देश को सकंजे में लीया है। आम प्रजा महामारी से प्रभावित हो रही है जिसमें सूरत सहित दक्षिण गुजरात के हर गांव हर घर से कोई बाकी नही। सूरत और तापी जिले के 2.50 लाख से अधिक पशुपालकों में महत्तम पशुपालन के व्यवसाय पर अपनी अपनी आजिविका चलाते है। पिछले एक साल में हुई असह्य महंगाई से पशुपालक भी प्रभावित हुए है। पिछले एक साल के दौरान डिजल के भाव में प्रति लीटर 20 रूपये तक की वृध्दि हुई है। महंगाई के कारण पशुओं का चारा, दान, पशुपालन की मजदुरी तथा ट्रान्सपोर्टेशन में वृध्दि हुई है। 
सूरत जिला कांग्रेस अग्रणी एवं पुर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. तुषार चौधरी, सूरत जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद चौधरी, तापी जिला कांग्रेस अध्यक्ष भीलाभाई चौधरी तथा सूरत जिला पंचायत के पुर्व विपक्षी नेता एवं किसान अग्रणी दर्शन नायक ने सुमुल डेरी के संचालकों को एक लिखित ज्ञापन दिया है। पिछले साल सुमुल डेरी ने एक किलो फेट पर रूपये 20 घटाए  थे। इस साल दुध का ‌1 किलो का भाव 40 रुपये किया जाए ऐसी मांग सूरत और तापी जिले के 2.50 लाख पशु पालकों की ओर से की गई है। पशुपालकों को अपनी दैनिक जीवननिर्वाह के लिए सुमुल डेरी फेट के भाव में वृध्दि करे यह अनिवार्य है । कांग्रेस के अग्रणियों ने सुमुल डेरी के संचालकों को जो ज्ञापन दिया है उसे सूरत एवं तापी जिला कलेक्टर को दिया है। 

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