सूरत : रेलवे स्टेशन पर कोरोना जांच होने से लंबी लाइन लगी

एक जगह टेस्टिंग होने से लोगों की लाइन लग रही है।

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए नगर पालिका ने बढ़ाई टेस्टिंग

सूरत शहर एक औद्योगिक शहर है। देश के लगभग सभी राज्यों से लोग यहां बड़ी संख्या में जीविकोपार्जन के लिए आते हैं। कोरोना संक्रमण काल ​​​​के दौरान सूरत शहर के लिए सबसे बड़ी चुनौती प्रवासियों का प्रवास था। इससे कोरोना संक्रमण रोग के और फैलने की आशंका पैदा हो गई। निगम को लगातार एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले लोगों की टेस्टिंग दर बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा। आज भी सूरत शहर के अंदर बड़ी संख्या में परप्रांतीययों के आने से सूरत रेलवे स्टेशन पर गहन कोरोना परीक्षण की व्यवस्था की गई है।
सूरत में कोरोना के कमजोर होने से परप्रांतीय श्रमिकों विशेषकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार से सूरत लौटने वाले परप्रांतीय कारीगरों की सूरत रेलवे स्टेशन पर कोरोना जांच कराये जाने पर लंबी लाइन लग गई।  हालांकि प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था में यात्री भी सहयोग करते नजर आए। लेकिन एक और सवाल यह उठ रहा है कि जिस तरह से स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, उससे भी परेशानी हो सकती है।  रेलवे प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग जगहों पर प्रशासन द्वारा टेस्टिंग की जाए तो सोशल डिस्टेंस का भी ठीक से पालन किया जा सकता है।
पालिका आयुक्त बंच्छानिधि पाणि ने कहा कि वर्तमान में सूरत शहर में कोरोना के मामलों की संख्या बहुत कम है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। फिर भी हम कोरोना को फैलने से रोकने के लिए तमाम प्रक्रियाएं बड़ी मुश्किल से कर रहे हैं। जिसमें विशेष रूप से परप्रांतीय अब रोजगार के लिए सूरत वापस आ रहे हैं। तब हम रेलवे स्टेशनों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। ताकि दूसरे राज्यों में जहां कोरोना का संक्रमण देखा जा रहा है। ऐसे बहुत से लोग सूरत में प्रवेश नहीं करें और अन्य लोगों को कोरोना से संक्रमित नहीं करेंगे। इस लिए सूरत रेलवे स्टेशन पर ही बाहर से आने वाले परप्रांतीयों का कोरोना जांच किया जा रहा है। 

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