सूरत : डुमस में बुजुर्ग की हत्या और लूट कांड का भेद खुला, सारी कारगुजारी पड़ोसन की!

जमीन एक सौदे में मिले तीन करोड़ की लालच में की हत्या

डुमस के कादी फलिया में रहने वाले वृद्ध इंजीनियर भूपेंद्र पटेल की हत्या का केस सूरत के क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने हत्या में शामिल पांचों हत्यारों के साथ लूटी हुई रकम में से एक लाख कॅश, दो पिस्टल और भागने ने के लिए चोरी की गई दो बाईक को भी जप्त किया था। इस पूरे घटना की मास्टरमाइंड भूपेंद्र भाई के पड़ोस में रहने वाले चेतनाबेन पटेल ही होने की जानकारी सामने आई थी। चेतनाबेन ने अपनी बहन की मदद से मुंबई से हत्यारों को बुलाकर भूपेंद्रभाई की हत्या को अंजाम दिया था। 
पुलिस कमिश्नर अजय तोमर ने बताया की दो अप्रेल की रात को पाँच लोगों ने मिलकर क्रूरतापूर्वक डुमस के कादीफलिया में रहने वाले भूपेंद्र भाई की हत्या कर दी थी। पुलिस ने जब इस बारे में जांच शुरू कर के सीसीटीवी फुटेज देखे तो उन्हें गोदादरा के देवधगाम के आनंदी हाइटस के पास इन हत्यारों का पता लगा था। पुलिस को पूरे मामले में हत्यारों को किसी ने टिप देने की शंका गई थी, जिसके आधार पर जांच करने पर उनको पड़ोसी चेतनाबेन पर शक गया था। इसके चलते पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू की, जहां सारी सच्चाई सामने आ गई। 
पुलिस ने पूरे मामले में जूनागढ़ में चोरी और लूट के आरोपी प्रताप और उसके अन्य चार साथियों को हिरासत में लिया था। इसके अलावा लूटे हुये चार लाख में से पुलिस ने एक लाख रुपए और दो पिस्टल, दो कार्टिज और दो चोरी की मोटरसाइकल भी जप्त की थी। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चोरों को भूपेन्द्र भाई के पास तीन करोड़ कैश होने की टिप मिली थी। पर घर में मात्र चार लाख ही मिले थे। इसलिए उन्होंने भूपेंद्र भाई को धमकाने के लिए उनका गला दबा दिया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई थी।  

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