सूरत : मंदी के दौर से गुजर रहा है एम्ब्रोडरी व्यापार, ना तो काम मिल रहा और न ही बकाया पैसे!

पैसों का भुगतान ना होने से अन्य व्यापार की ओर रुख करने को मजबूर है व्यापारी

पहले दो सालों तक कोरोना और फिर अप्रत्याशित कम व्यापर के कारण भयंकर मंदी से जूझ रहे कपड़ा उद्योग में स्थिति ऐसी है कि कुछ एम्ब्रोडरी उद्यमियों के लिए व्यवसाय में जीवित रहना मुश्किल हो चला है। कपड़ा व्यापारियों से समय पर भुगतान न होने के कारण बड़ी संख्या में एम्ब्रोडरी उद्योग का भुगतान भी अटका हुआ है, बड़े व्यापारी तो किसी तरह चल रहे हैं, लेकिन छोटे व्यापारी उद्योग और कारखाने बंद करने या अन्य व्यवसायों में संलग्न होने के लिए मजबूर हो गए हैं।
आपको बता दें कि पिछले छह महीने से कपड़ा उद्योग में भयंकर मंदी है। शादी का सीजन के बाद रक्षा बंधन में भी व्यापार कमजोर रहने से खासी दिक्कत आई है। कोरोना काल में बंद पड़े व्यापार के कारण व्यापारियों से भुगतान देरी से मिल रहा है। इसमें अब भी सुधार नहीं हुआ है। व्यापारियों द्वारा कशीदाकारी उद्योग को समय पर भुगतान न करने से  एम्ब्रोडरी उद्योग की स्थिति भी खराब हो गई है।  एम्ब्रोडरी उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अभी भी बाजार में बहुत मंदी है। व्यापारियों से बहुत कम जॉब वर्क प्राप्त हो रहा है, ऐसे में यदि भुगतान के लिए बाध्य किया जाता है, तो व्यापारी जॉब वर्क देना बंद कर सकते हैं और इसलिए भुगतान के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं। दूसरी ओर, कुछ कढ़ाई उद्यमी अब हीरा उद्योग की ओर रुख कर रहे हैं।
इस बारे में टेक्सटाइल एम्ब्रायडरी जॉब वर्क एसोसिएशन के अध्यक्ष हितेश भिक्ड़िया का कहना है कि एम्ब्रोडरी उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहा है। नौकरी का काम करने के छह माह बीत जाने के बाद भी  एम्ब्रोडरी उद्यमियों को भुगतान नहीं मिलने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अब भी 200 उद्योगपतियों ने भुगतान नहीं होने की शिकायत एसोसिएशन से की है। कुछ उद्योगपति हीरा उद्योग से भी जुड़े हैं।

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