सूरत : कोरोना से पिता की मौत के छह माह बाद इंजीनियर बेटे ने की आत्महत्या

लॉकडाउन के बाद काम न मिलने के कारण ऋषित (फाइल फोटो) बेरोजगार हो गया और मानसिक तनाव में जी रहा था।

मानसिक तनाव से ग्रसित सिविल इंजीनियर ऋषित लेबर कांट्रेक्टर का काम करता था

शहर  के पार्ले पॉइंट गोकुल रो हाउस में एक सिविल इंजीनियर के आत्महत्या करने के बाद परिवार शोक में था। 6 महीने पहले कोरोना महामारी में पिता की मौत के बाद से ऋषित मानसिक तनाव में था। करीबी दोस्तों के अनुसार लेबर कॉन्ट्रेक्टर के रुप में काम करते   ऋषित कोरोना महामारी के कारण डेढ़ साल से गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।  हालांकि, परिवार ऋषित की आत्महत्या को लेकर चुप रहा।
उमरा पुलिस ने बताया कि पारले प्वाइंट इलाके के गोकुल रो हाउस के एक बंगले में बुधवार देर शाम युवक ऋषित झवेरी का शव पंखे पर चादर के साथ फांसी लगी हालत में लटकता मिला। परिवार की पूछताछ में पता चला कि ऋषित एक सिविल इंजीनियर था और एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करता था। हालांकि, ऋषित के सुसाइड का कोई कारण पता नहीं चल सका
करीबी दोस्तों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऋषित एक मेहनती और ईमानदार दोस्त था। कोरोना महामारी से तबाह हो गया और कारोबार चौपट हो गया था। कहा जा सकता है कि वह आर्थिक तंगी के चलते मानसिक तनाव में था। तकरीबन छह माह पहले कोरोना महामारी में पिता की मौत के बाद ऋषित तनाव में रहने लगा था।  ऋषित की आत्महत्या के लिए बेरोजगारी और आर्थिक संकट को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ग्रुप के कई दोस्तों ने ऋषित को आर्थिक मदद भी की थी। हालांकि, अब सभी दोस्त उसकी आत्महत्या के बाद एक अच्छे दोस्त के खोने का शोक मना रहे हैं। नई सिविल अस्पताल में पीएम के कमरे में चूहों द्वारा ऋषित के शरीर को काटने पर परिवार नाराज था।
बुधवार की देर शाम  सिविल इंजीनियर ऋषित झवेरी ने आत्महत्या कर ली और पुलिस पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए नई सिविल अस्पताल ले आया। पोस्टमॉर्टम कक्ष में रात भर चूहों द्वारा उकेरे गए ऋषित के शरीर के निशान देखकर पोस्टमॉर्टम डॉक्टर भी हैरान रह गए। चूहों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सिविल के आरएमओ सहित अधिकारियों ने पोस्टमार्टम कक्ष का दौरा किया और आश्वासन दिया कि चूहों का प्रकोप जल्द दूर किया जाएगा। 

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