सूरतः स्वामीनारायण गुरुकुल द्वारा संचालित धर्मजीवन लोकसेवा ट्रस्ट, तूफान से प्रभावित ऊन के लिए 2000 किट भेजा

संत तूफान से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए आगे आए।

इसका वितरण आनंदगढ़ स्वामीनारायण गुरुकुल के संत करेंगे

प्रकृति की कला को समझना मुश्किल है। कोरोना ने जहां लोगों का आर्थिक रुप से कमर तोड़ दी है, वहीं तूफान ने भी कितनी तबाही मचाई है।  तूफान से किसान और गरीब परिवार प्रभावित हुए हैं। स्वाभिमान से जीने वाली सौराष्ट्र की जनता के लिए सूरत शहर तन, मन और धन से  मदद कर रहा है। सूरत स्वामीनारायण गुरुकुल द्वारा संचालित धर्मजीवन लोकसेवा ट्रस्ट ने तूफान पीड़ितों को 2,000 किट खाद्यान्न उना भेजा है।
प्रभु स्वामी के अनुसार सूरत स्वामीनारायण गुरुकुल के प्रमुख राजकोट संस्थान से कोरोना पीड़ितों की सेवा चल रही है। साथ ही गुरुकुल अध्यक्ष सद्गुरुवर्य महंत स्वामी देवकृष्णदासजी स्वामी की प्रेरणा से अमरेली जिले के राजकोट और तरवाड़ा गुरुकुल से भी तूफान पीड़ितों की सेवा शुरू की गई है। उना आनंदगढ़ में राजकोट गुरुकुल की एक शाखा स्वामीनारायण गुरुकुल तूफान से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। हालांकि, वहां मौजूद संत हरिवाददासजी स्वामी, केशवप्रिय दासजी स्वामी और सर्वज्ञ स्वामी लोगों की मदद कर रहे हैं। नीलकंठ धाम पोइचा के संत हरिकृष्णदासजी स्वामी, कल्याणदासजी स्वामी युवाओं की टीम के साथ 20 मई को उना पहुंचकर जनसेवा कर रहे हैं।
सूरत स्वामीनारायण गुरुकुल को समर्पित युवाओं द्वारा संचालित धर्म जीवन लोकसेवा ट्रस्ट ने रविवार को गेहूं का आटा, तेल, चीनी, दाल, तुवर दाल, मूंग दाल आदि आवश्यक वस्तुओं के साथ किट लेकर एक टीम भेजी है। इस अवसर पर सद्गुरु पुराणी धर्मवल्लभदासजी स्वामी और ट्रस्ट के अध्यक्ष हितेशभाई लालजीभाई पटेल उगामेडी, उपाध्यक्ष घनश्यामभाई राखोलिया, प्रकाशभाई राखोलिया, हितेशभाई हपानी, शैलेशभाई गोटी, ईश्वरभाई ढोलकिया, मेहुलभाई सुतरिया आदि उपस्थित थे। धर्मजीवन लोकसेवा ट्रस्ट सूरत के कार्यकर्ता लालजीभाई तोरी, भगवानजीभाई काकड़िया और कमलेशभाई कुंभानी के मार्गदर्शन में 40 स्वयंसेवकों और संतों द्वारा 2000 खाद्य सामग्री के किट तैयार किए गए।

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