सूरत : एबीवीपी छात्रों ने पीटनेवाले पुलिसकर्मी को निलंबित करने की मांग

जिला कलेक्टर को ज्ञापन देते एबीवीपी छात्र नेता

युनिवर्सिटी केम्पस में अवैधरूप से घुंसकर एबीवीपी छात्रों की पीटाई करनेवाले पुलिसकर्मी को निलंबित करने की मांग के सा कलेक्टर तथा पुलिस आयुक्त को ज्ञापन दिया

युनिवर्सिटी के सामने छात्रों ने चक्काजाम कर विरोध जाताया
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय में एबीवीपी द्वारा नवरात्रि का आयोजन किया गया था। रात में विश्वविद्यालय परिसर में घुंसकर पुलिस ने गरबा में 400 सेअधिक संख्या होने के बारे में छात्रों निर्देश दिए थे उसे लेकर छात्रों और पुलिस के बीच कहासूनी और हाथापाई हो गई। पुलिस ने पिटाई करने से सात छात्र घायल हो गए छात्र नेता को पकडकर पुलिस थाने ले आयी थी। जिससे आक्रोषित छात्रों ने उमरा पुलिस थाने मे देर रात तक धरना प्रदर्शन किया और आखिर छात्र नेता को पुलिस हिरासत से छुडा लिया। 
पुलिस द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में अवैध रूप से घुसने की चर्चा पूरे शहर में शुरू हो गई है।  पूरे मामले पर विराम लगाने उमरा पीआई मोदी ने छात्रों से माफी मांगी है। देर रात तक मामला गरमा जाने पर पुलिस ने आखिरकार राजनीतिक दबाव में अपनी गलती मान ली। फिलहाल पूरे मामले की जांच जेसीपी की अध्यक्षता में पुलिस आयुक्त कर रहे हैं। हालांकि छात्रसंघ ने पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की और विरोध प्रदर्शन के साथ ही आंदोलन तेज हो गया है। एबीवीपी के कार्यकर्ता ने मंगलवार सूबह कलेक्टर कार्यालय से सीधे उमरा थाने पहुंचे। उमरा थाने पहुंचकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की। 
छात्रों ने पुलिस की दादागिरी का विरोध किया। जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को जल्द से जल्द निलंबित करने की मांग को लेकर छात्रसंघ ने विश्वविद्यालय गेट के सामने सड़क को जाम कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। 
एबीवीपी के राज्य मंत्री हिमालय जाला ने कहा कि उमरा पुलिस थाने के जो कर्मचारी युनिवर्सिटी केम्पस में अवैध रूप से आए थे वह धर्मेंद्र गिरी और जतिन सवानी नाम के पुलिस कर्मियों के नाम छिपाने की कोशिश की जा रही है। 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें