सूरत : साइबर पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार बने लोगों को अब तक 2.6 लाख रूपये रिफंड कराए

प्रतिकात्मक तस्वीर (File Photo : IANS)

किसी भी ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में उठाएं ये जरुरी कदम, 24 घंटे के भीतर 100 पर करें कॉल

मौजूदा समय में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जब भी आपके साथ इस तरह की कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है और एक खाते से दूसरे खाते में पैसा निकाला या स्थानांतरित किया जाता है, तो 24 घंटे के भीतर साइबर पुलिस से संपर्क करें। अधिकांश तया पैसा रोक दिया जाता है और पैसे वापस लाने में पुलिस भी मदद करती है। सूरत की बात करें तो सूरत साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के विभिन्न मामलों में कुल 2,60,142 रूपये रिफंड करवाये हैं। अब सूरत शहर के पुलिस आयुक्त अजय तोमर द्वारा विशेष रूप से साइबर पुलिस में अधिक स्टाफ आवंटित किया गया है।
आपको बता दें कि ऑनलाइन हो रही धोखाधड़ी को रोकने या जल्द से जल्द अपराधियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं और सूरत पुलिस आयुक्त द्वारा सूरत शहर में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं जिसपर पुलिस लगातार काम कर रही है।
ऐसे फ्रॉड के मामले में शिकायतकर्ताओं को भी पूरी बात पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सूरत में ऐसी किसी घटना का शिकार बने आवेदकों ने सही समय पर 100 नंबर पर कॉल किया और अपना विवरण दिया जिससे तकनीकी टीम ने आवश्यक कार्रवाई की और तकनीकी निगरानी पर आधारित एक विश्लेषण विभिन्न आवेदकों से कुल 2,91,182 रुपये वापस पा लिए, जिसमें से कुल 2,60,142 रुपये आवेदक को 01/10/2021 को बैंक खाते में वापस कर दिए गए।
इस प्रकार के मामलों में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह एटीएम धोखाधड़ी, ऋण-लॉटरी धोखाधड़ी, नौकरी धोखाधड़ी, खरीदारी धोखाधड़ी और  सेना के नाम पर ओएलएक्स/फेसबुक विज्ञापन से सामान की खरीद से संबंधित धोखाधड़ी करते हैं। इसके अलावा कार्ड के सत्यापन को लेकर, पेटीएम कंपनी के केवाईसी को अपडेट करने के लिए मोबाइल में "क्विक सपोर्ट" या "एनीडेस्क" नामक एप्लिकेशन इंस्टॉल करा कर फ्रॉड किया जाता है  और ऐसे वित्तीय लेनदेन के नाम पर धोखाधड़ी करने के लिए अलग-अलग बहाने से ई-सिम पंजीकरण किया जाता है।
आपको बता दें कि ऐसी किसी भी घटना के मामले में घटना के 24 घंटे के अंदर पहले 100 नंबर पर संपर्क करना अनिवार्य है, फिर निकटतम पुलिस स्टेशन या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या तुरंत साइबर अपराध पुलिस स्टेशन और अपराध शाखा सूरत शहर से संपर्क करें। ताकि आवेदक को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई की जा सके। इस प्रकार, कोरोना महामारी की विकट स्थिति में लोगों के साथ हो रहे साइबर अपराध के ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पिछले एक साल में अपराध शाखा से 21,21,300 रुपये रिफंड करवाए हैं।

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