सूरतः बढ़ती मौत के कारण श्मशान की चिमनी टूटी

जहाँगीरपुरा कुरुक्षेत्र श्मशान में चिमनी टूटी

जहाँगीरपुरा कुरुक्षेत्र श्मशान में घटी घटना, कोई घायल नहीं

सूरत में  कोरोना संक्रमण से बढ़ते मौत के कारण मानों श्मशान भी थक गये हैं, ऐसा लग रहा है। जहाँगीरपुरा कुरुक्षेत्र श्मशान की चिमनी टूट जाने से उपयोग बंद कर दिया गया। चिमनी अचानक टूट कर बैठने वाले स्थल पर गिरने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। लेकिन सौभाग्य से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। 
कोरोनरी संक्रमण के कारण मृत्यु दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रोजाना मरीजों की मौतों के कारण श्मशान में अंत्येष्टि जल रही है। जहाँगीरपुरा कुरुक्षेत्र श्मशान में चिमनी मंगलवार को  दोपहर अचानक गिर गई। एक ओर शहर का बढ़ता तापमान और दूसरी ओर 500 से 700 डिग्री पर गैस चैम्बर भट्ठी का उच्च तापमान होने के कारण श्मशान की चिमनियां भी अब कमजोर पड़ रही है। 
कुरुक्षेत्र श्मशान में प्रोटोकॉल के अनुसार संक्रमित कोरोना की लाशों का अंतिम संस्कार किया जाता है। गैस चैम्बर में सतत आने वाले मृतदेहों के कारण चिमनी सहित अंदर धातु के सिल्लियां भी पिघलने के दृश्य में आ रही हैं। अचानक चिमनी झुक जाने से श्मशान गृह के प्रबंधकों द्वारा गैस चैम्बर बंद कर दिया गया। सतत चल रहे अंतिम संस्कार के कारण चिमनी कमजोर हो गई हैं।
कुरुक्षेत्र श्मशान गृह ट्रस्ट के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने कहा कि चिमनी बहुत गर्म होने से वर्तमान में इसकी मरम्मत करना संभव नही है। बुधवार को दोपहर के बाद  फिर से झुके  हुए हिस्से को काटकर चिमनी को खड़ा करने का काम किया जाएगा। हालांकि, श्मशान में अग्नि संस्कार की प्रक्रिया किसी भी तरह से बाधित नहीं हुई थी। शवों के समय पर दाह-संस्कार की व्यवस्था पहले ही कर दी गई है। वर्षों पहले तापी तट पर छह लकड़ी के भट्ठी शुरू किए गए थे। एक बंद गैस चेंबर भी जल्द ही फिर से खोला जाएगा।

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