सूरतः कोरोना के मरीज भगवान भरोसे! कुछ घंटे चले इतने ही ऑक्सीजन

शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी

सूरत शहर के लिए अगले 12 घंटों में स्थिति बहुत गंभीर होने की संभावना

सूरत शहर में कुछ घंटों तक  के लिए  ऑक्सीजन है। जिससे कोरोना संक्रमित मरीजों को  भगवान  भरोसे छोड़ा जा रहा है। सूरत न्यू सिविल अस्पताल और स्मीमेर अस्पताल के गेट ऑक्सीजन की कमी के कारण बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ, भाजपा विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सूरत शहर को जरूरत के मुकाबले बहुत कम ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। प्रशासन लाचार स्थिति में है। अधिकारी मामले पर टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।
सूरत शहर के नई  सिविल अस्पताल और स्मीमेर अस्पताल के गेट एक बजे के बाद बंद कर दिए गए थे और पूरे शहर में अफरा-तफरी  मच गई थी। लोगों में चिंता की एक नई लहर है कि क्यों सरकारी अस्पतालों को द्वार बंद कर दिया गया है। 108 में सिविल अस्पताल आने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती नहीं किया गया, जिससे गेट के बाहर लंबी कतार लग गई।
सूरत शहर एक असहाय अवस्था में देखा जा रहा है। लगता है कि यह स्थिति पूरे शहर और प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। सूरत शहर में ऑक्सीजन की कमी देखी जा रही है। इससे मरीजों की जान खतरे में है। भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा शहर में ऑक्सीजन की कमी की आशंका भी जताई गई थी। शहर में ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण अराजकता का माहौल देखा जा रहा है। कानून व्यवस्था की स्थिति खटाई में पड़ती दिख रही है।
शहर के भाजपा नेता और विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शहर में ऑक्सीजन की कमी के कारण सिविल और स्मीमेर अस्पतालों में मरीजों को ले जाना बंद कर दिया है। शायद ऐसी ही स्थिति गिनती के घंटों बाद निजी अस्पतालों में देखी जा सकती है। सूरत शहर को जरूरत के मुकाबले बहुत कम ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है।
प्रशासन लाचार स्थिति में है। अधिकारी मामले पर टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। सभी अधिकारियों के फोन लगातार व्यस्त रहते हैं। सिर्फ कल्पना करना कि अगर समय पर मरीजों को ऑक्सीजन नहीं पहुंचाई गई तो शहर कैसा होगा? अगले 12 घंटे सूरत शहर के लिए बहुत गंभीर होने वाले हैं। ऑक्सीजन कहां और कैसे मिलेगी इस संदर्भ में  प्रशासन भी स्तब्ध होकर बैठा हो ऐसा लग रहा है। 

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