सूरत : कपड़ा बाजार में सबसे बड़ा पार्टी पलायन , 26 वर्षीय व्यापारी द्वारा 100 बुनकरों से 90 करोड़ की ठगी

ग्लोबल टेक्सटाईल मार्केट में व्यापारी का पार्टी पलायन

युवाओं ने पार्टनरशिप में शुरू की कंपनी और आयोजन पूर्वक दुकान बंद कर पलायन कर गए

शिकार हुए बुनकर फोगवा की अगुवाई में गृहमंत्री हर्ष संघवी से मिलेंगे 
ग्लोबल टेक्सटाईल मार्केट में व्यापारी ने 65 करोड़ रुपये में पार्टी पलायन किया जिसका कुल अंक 90 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। 100 से ज्यादा बुनकर फंस गए हैं। कपड़ा बाजार में अब तक की सबसे बड़ी उथल-पुथल देखी गई है। कपड़ा बाजार में मंदी के बीच 65 करोड़ रुपये की पार्टी पालयन चर्चा का विषय बन गई है।
सूत्रों के मुताबिक, सहारा दरवाजा के सामने पुरानी बॉम्बे मार्केट के पास ग्लोब टेक्सटाइल मार्केट के एक 26 वर्षीय कपड़ा व्यापारी ने पिछले कुछ वर्षों में साझेदारी में दो अलग-अलग कंपनियां शुरू की हैं। जो डेढ़ साल से मार्केट में एक दुकान किराए पर लेकर व्यापार कर रहा था। इस बीच, व्यापारी के लापता होने से बुनकरों की परेशानी और बढ़ गई ।
पीडि़त बुनकर ने कहा कि उठमना ( पार्टी पलायन) की योजना आयोजन पूर्वक बनाई गई थी। फिलहाल इसमें अलग अलग बुनकरो से अबतक 65 करोड़ रुपये का उठमना समाने आया है। कुछ पीडि़तों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है लेकिन विवर्सो का कहना है कि पार्टी पलायन कर कुल  90 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं।
इस बगावत में 100 बुनकरों के रुपये फंस गए हैं। बुनकरों ने फोगवा को पेशकश करते हुए पार्टी पलायन करनेवाले व्यापारी की दुकान खोलने की परमिशन मांगी है। फोगवा द्वारा दस्तावेज़ संग्रह शुरू कर दिया गया है। पार्टी की दुकान खोलने की अनुमति मांगी जाएगी। फिर प्रभावित बुनकरों को प्रतिशत के रूप में माल दिया जाएगा।
 शिकार हुए बुनकरों की शर्मिंदगी और बढ़ गई थी। कुछ बुनकर पार्टी पलायन करने वाले व्यापारी के घर और उनके खाते की जांच करने गए थे। लेकिन व्यापारी ने आयोजन पूर्वक गलत घर और खाते का पता भी दिया। पिडित बुनकरों ने पलायन हुए व्यापारी के पिता के फोन किया जो उन्होने जवाब नहीं दिया।
फोगवा ने शिकार बुनकरों के साथ बैठक की। सभी साक्ष्य एकत्र कर गृहमंत्री हर्ष सांघवी के सामने पेश किए जाएंगे। पीडि़त शनिवार को  फोगवा के नेतृत्व में हर्ष सांघवी से मिलेंगे। फोगवा के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा, पार्टी जो उठी हैं, उसके सारे सबूत जुटाए जा रहे हैं। वहीं, सामान बेचने वाले दलालों से भी संपर्क किया जा रहा है। हम उन लोगों से भी संपर्क कर रहे हैं जिन्हें पलायन करनेवाले व्यापारी ने माल सामान दिया है। 

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