सूरत : पानी की आवक कम होने से उकाई बांध के सभी दरवाजे बंद

उकाई बांध से हाइड्रो के जरिए 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

उकाई बांध में 22776 क्यूसेक पानी की आवक के सामने उतना ही छोड़ा जा रहा है पानी

उकाई बांध पिछले चार-पांच दिनों से पानी की आवक में लगातार तेजी से बढ़ोतरी होने से बांध अपने खतरनाक जल स्तर की ओर बढ़ रहा था। उकाई बांध का जलस्तर बुधवार को रात्रि  340.01 फीट दर्ज किया गया। जिसमें उकाई बांध में पानी की आवक 22776  हजार क्यूसेक के सामने उतना ही पानी छोड़ा जा रहा है।  बांध के रूल लेवल को प्रशासन द्वारा मेंटेन किया जा रहा है। फिलहाल उकाई बांध के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं। हाइड्रो के जरिए ही पानी छोड़ा जा रहा है।
मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की भविष्यवाणी के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया था। एक तरफ जहां उकाई बांध का जलस्तर काफी बढ़ रहा था वहीं दूसरी तरफ बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए था। गत रोज तक पानी का आवक  28 हजार क्यूसेक था। जो बढ़कर रात्रि में 70 हजार क्यूसेक से अधिक पानी का आवक पहुंच जाने से प्रशासन चिं‌तित था।  हालांकि अब स्थिति नियंत्रण में होती दिख रही है। बुधवार को रात्रि 8 बजे 22776  क्यूसेक पानी की आवक दर्ज होने से जहां प्राशसन से राहत महसूस की, वहीं तापी नदी के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों के लिए भी अच्छी खबर है। 
उकाई बांध में हथनूर बांध से आने वाले पानी की मात्रा में कमी आई है और जलग्रहण क्षेत्र में भी पिछले तीन से चार घंटे से बारिश बंद हो गई है।  नतीजतन, प्रशासन ने उकाई बांध में केवल 22776 क्यूसेक पानी छोड़ने का फैसला किया है, जिससे पता चलता है कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और उकाई बांध अपने रुल लेवल से ऊपर स्थिर हो गया है।
सूरत के जिला कलेक्टर आयुष ओके ने बताया कि सूरत जिले में पिछले 12 घंटों में औसतन 26 मिमी बारिश हुई है। सबसे अधिक चार इंच बारिश ओलपाड तालुका में दर्ज की गई। जैसे-जैसे उकाई बांध में पानी का प्रवाह कम होगा, उकाई बांध से छोड़ा जाने वाला पानी अब कम हो जाएगा। हथनूर बांध से उकाई बांध तक पानी का प्रवाह भी काफी कम हो गया है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें