सूरत : सोसायटियों में पीने की दूषित पानी आने से प्रशासन ने सैंपल लेने के लिए टीमें भेजीं

स्वास्थ्य विभाग को मिली शिकायत के आधार पर पानी के नमूने लिए गए।

स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि एहतियात के तौर पर दूषित पानी की शिकायत की जांच की गई

शहर के वराछा इलाके में विभिन्न सोसायटियों से पीने के पानी में दुर्गंध आने की शिकायत मिली थी।  पानी के बदलते स्वाद से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। रामबाग-लाल दरवाजा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम सोसायटियों में गंदे पानी की जांच के लिए पहुंची। मनपानी स्वास्थ्य विभाग की टीम सैंपल लेकर जांच कर रही है।
सूरत में लोग जल जनित बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।  शहर के वराछा हीराबाग के पास सोसायटियों में दूषित पानी आने  के कारण लोग जल जनित बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। जबकि कुछ सोसायटियों में लोग जलजनित रोगों के शिकार हो रहे थे। मानसून के दौरान ऐसी शिकायतें शहर भर में आम होती जा रही हैं। वराछा, उधना, पांडेसरा, पुणा आदि में मानसून के दौरान ऐसी समस्याएं अधिक होती हैं।
मनपा को दूषित पानी की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पानी के सेम्पल लेकर जांच शुरु कर दी है।  मनपा की एक टीम ने लाल दरवाजा इलाकों में रहने वाले लोगों से मुलाकात की। वहां से पानी के सैंपल लिए गए। इसके अलावा, क्या पानी की लाइन में कोई रिसाव है, क्या? इसका पता लगाने की कवायद भी की गई। आमतौर पर मानसून के दौरान जलजनित और मच्छर जनित बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। दूषित पानी पीने पर भी लोग पूर्व में कई बार जलजनित बीमारियों के शिकार हो चुके हैं।
मनपा के उप स्वास्थ्य आयुक्त आशीष नाइक ने कहा कि जितनी भी सोसायटीज में दूषित पानी की शिकायत आ रही है। उन तमाम शिकायतों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें वहां पहुंच रही हैं। पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो उसे तत्काल प्रभाव से दूर किया जाएगा। निगम हमेशा यह सुनिश्चित करने के लिए सभी एहतियाती उपाय करता है कि लोग मानसून के दौरान जल जनित और मच्छर जनित बीमारियों के शिकार न हों। अब भी हम सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

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