सूरतः जिले में तूफान को लेकर प्रशासन अलर्ट, एनडीआरएफ की टीम स्टैंड बाय

एनडीआरएफ की टीम ने पूरी तैयारी कर ली है

नमक उत्पादक, झींगा झील और मछुआरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

तटीय गांवों पर तूफान का असर सोमवार को सुबह से ही  दिखना शुरू हो गया। हवा पूरी रफ्तार से इस हालत में चल रही है कि कच्चे घरों के पतरे उड़ जाएं। एनडीआरएफ की टीम ओलपाड के साथ बीच पहुंच गई।  मिट्टी के घरों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि अगर उनके लिए सरकारी स्कूलों में अटे पड़े मकान या शेल्टर तैयार किए हैं तो वे वहीं जाएं और वहीं रहें। सूरत शहर और जिले में  कुल 1850 और लोगों को  स्थानांतरित किया गया है। एनडीआरएफ की टीम सभी बचाव उपकरणों से लैस  लगातार तटीय गांवों और तट का दौरा कर रही है। 
स्थानीय अधिकारियों की एक टीम ने  लोगों को तटीय गांवों से बाहर ले गये।  सुवली तट पर सुबह से ही हवा बहुत तेज चलती  रही थी।  
सूरत जिला कलेक्टर आपदा प्रबंधन टीम के साथ लगातार समन्वय करते रहे। कोई निष्क्रियता न रहे इसके लिए सभी तैयारियों पर कलेक्टर खुद नजर रख रहे हैं। अन्य तटों पर फिलहाल स्थिति बिगड़ती जा रही है। जिसे देख अधिकारियों का एक दल दक्षिण गुजरात में भी कड़ी नजर रख रहा है।

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