सूरत : नगर निगम चुनाव में वराछा और कामरेज सीट पर बीजेपी से ज्यादा आप को मिले थे वोट

पिछले चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने पाटीदार इलाकों में किया सूपड़ा साफ

2017 में वराछा-कामरेज सीट पर बीजेपी ने 2021 के नगर निगम चुनाव में मिले वोटों से कई गुना ज्यादा अंतर से जीत दर्ज की थी

सूरत शहर में भाजपा के गढ़ माने जाने वाले वराछा, करंज, कतारगाम और कामरेज विधानसभा क्षेत्रों को लेकर त्रिपक्षीय लड़ाई लड़ी जा चुकी है और उभरती इस विधानसभा सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा भी होने जा रही है। पाटीदार से. पिछले नगर निगम चुनाव में आप के 27 नगरसेवक जीते, आप की ताकत बढ़ी और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। फिर मौके की पड़ताल के आधार पर इस सीट पर बीजेपी और आप के बीच टक्कर है।

चार सीट को लेकर त्रिपक्षीय युद्ध छिड़ गया


आम आदमी पार्टी के सभी 12 नगरसेवकों ने पिछले नगर निगम चुनाव में वराछा सीट पर वार्ड नंबर 3, 4, 5 पर बीजेपी से ट्रिपल वोट पाकर जीत हासिल की थी। जबकि कामरेज को वार्ड संख्या एक में भाजपा से नौ गुना वोट मिले। आपके सभी 12 नगरसेवकों ने 2, 16 और 17 पर जीत हासिल की। क तारगाम सीट पर बीजेपी को 54533 कम वोट मिले थे, जिसमें वार्ड नंबर 6, 7, 8 और करंज सीट पर बीजेपी के 9 और आप के 3 पार्षद जीते थे। 14वीं और 15वीं में आप को बीजेपी से करीब 27 हजार वोट कम मिले थे। दोनों वार्डों में भाजपा के सभी 8 नगरसेवक विजयी रहे।

कतारगाम के अलावा करंज, कामरेज, वराछा में भी बीजेपी की बढ़त घटी


पाटीदार आंदोलन से पहले और बाद की समीक्षा करें तो वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में वराछा सीट पर 20,359 वोटों की बढ़त साल 2017 में घटकर 13,398 रह गई। कामरेज की 61,371 मतों की जीत की बढ़त 28,191 मतों की बढ़त के साथ सबसे नीचे रही। जहां करंज में 49,439 मतों की बढ़त का अंतर था, वहीं भाजपा ने 35,598 मतों की बढ़त के साथ जीत हासिल की। अकेले कतारगाम सीट पर 2012 में 43,272 वोटों की बढ़त 2017 में बढ़कर 79,230 वोट हो गई थी। पिछले दो कार्यकाल के चुनाव परिणामों की बढ़त में अंतर के बाद चूंकि आप पार्टी भी इस बार विधानसभा चुनाव के मैदान में है तो किसकी बढ़त बढ़े और किसकी घटे? इसका अनावरण 8 दिसंबर को होगा।

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