सुमुल डेरी ने सूरत- तापी जिले के पशुपालकों को दूध के भाव में प्रति लिटर 20 रुपये वृद्धि की

सूरत में सुमुल डेरी की फाईल तस्वीर

सूरत और तापी जिले के २.५० लाख पशुपालकों को दुध के फेट में भाववृध्दि के लिए कांग्रेस ने ज्ञापन दिया था, सुमुल डेरी ने प्रति लिटर १० रुपये बढ़ाने पर सहमति दिखाई।

सूरत-तापी जिले के 2.50 लाख से अधिक पशु पालकों को होगा लाभ 
सूरत और तापी जिले में 2.50 लाख पशुपालकों द्वारा संचालित दक्षिण गुजरात की सबसे बडी सुमुल डेरी के पशुपालकों की ओर से कांग्रेस अग्रणियों द्वारा पिछले सप्ताह सुमुल डेरी के संचालक तथा जिला कलेक्टरों को ज्ञापन देकर दूध के प्रति किलो फेट पर 40 रुपये की भाव देने की मांग की थी। सुमुल डेरी ने इस मांग का आंशिक स्वीकर करते हुए प्रति लिटर 20 रुपये भाव वृध्दि करने को संमति दिखाने पर पशु पालकों में खुशी की लहर देखी गई। 
पिछले एक साल से कोरोना महामारी ने समग्र देश को सकंजे में लीया है। आम प्रजा महामारी से प्रभावित हो रही है जिसमें सूरत सहित दक्षिण गुजरात के हर गांव हर घर से कोई बाकी नही। सूरत और तापी जिले के 2.50 लाख से अधिक पशुपालकों में महत्तम पशुपालन के व्यवसाय पर अपनी अपनी आजिविका चलाते है। पिछले एक साल में हुई असह्य महंगाई से पशुपालक भी प्रभावित हुए है। पिछले एक साल के दौरान डिजल के भाव में प्रति लीटर 20 रूपये तक की वृध्दि हुई है। महंगाई के कारण पशुओं का चारा, दान, पशुपालन की मजदुरी तथा ट्रान्सपोर्टेशन में वृध्दि हुई है। 
सूरत जिला कांग्रेस अग्रणी एवं पुर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. तुषार चौधरी, सूरत जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद चौधरी, तापी जिला कांग्रेस अध्यक्ष भीलाभाई चौधरी तथा सूरत जिला पंचायत के पुर्व विपक्षी नेता एवं किसान अग्रणी दर्शन नायक ने पिछले सप्ताह सुमुल डेरी के संचालकों को एक लिखित ज्ञापन दिया है। पिछले साल 2020 के दौरान सुमुल डेरी ने एक किलो फेट पर रूपये 20 घटाए  थे। इस लिए इस साल दुध का ‌1 किलो का भाव 40 रुपये बढ़ाया जाए ऐसी मांग सूरत और तापी जिले के 2.50 लाख पशु पालकों की ओर से की गई है। कांग्रेस के ज्ञापन पर सुमुल डेरी के संचालकों ने प्रति लिटर 20 रुपये भाव वृध्दि करने को संमति दिखाई। सूरत-तापी जिले के 2.50 लाख छोटे बडे पशु पालकों को ‌इस भाववृध्दि का लाभ मिलेगा। 

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