तौकते का खतरा देख तटीय अस्पतालों में रेमडेसिविर का स्टॉक भेजा गया : रूपाणी

तटीय इलाकों में रहने वाले 1.5 लाख लोगों को किया गया स्थानांतरित : मुख्यमंत्री

गांधीनगर, 17 मई (आईएएनएस)| भीषण चक्रवाती तूफान तौकते अब गुजरात से टकराने वाला है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने तटीय क्षेत्रों में अस्पतालों में कोविड मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन के 3 दिन का स्टॉक भेज दिया है। अब से कुछ ही घंटों में गुजरात से टकराने वाले भयंकर चक्रवाती तूफान के मंडराते खतरे के बीच, गुजरात राज्य भी वैश्विक महामारी के दूसरे प्रकोप से जूझ रहा है। चक्रवाती तूफान आने की आशंका को लेकर सीएम विजय रूपाणी ने सोमवार को गांधीनगर के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (एसईओसी) में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिला कलेक्टरों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
उन्होंने कहा, "अभी असाधारण परिस्थितियां पैदा हुई हैं, जहां एक तरफ हम कोविड-19 की दूसरी लहर से लड़ रहे हैं और दूसरी तरफ राज्य में आने वाले चक्रवाती तूफान का भी खतरा है। इन चरम स्थितियों में उन सभी के लिए जो कोविड अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, हमने ऑक्सीजन और बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की है। कल, हमने तटीय क्षेत्रों के सभी अस्पतालों में बहुप्रतीक्षित इंजेक्शन रेमडेसिविर की तीन दिनों का स्टॉक भेजा है।"
रूपाणी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "राज्य में अभी एक हजार टन ऑक्सीजन की जरूरत है। हमने अगले 2 दिनों के लिए 1700 टन की उपलब्धता सुनिश्चित की है। हम कोविड अस्पतालों को चक्रवाती खतरे से बचाने के लिए विस्तार से योजना बना रहे हैं।" उन्होंने कहा, "राज्य में 1400 से अधिक अस्पताल हैं, सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि बिजली गुल होने पर पावर बैकअप लें। तीन दिनों के लिए जनरेटर खातिर डीजल भी स्टॉक किया गया है। हमने राज्य के 1428 कोविड अस्पतालों में बिजली जनरेटर और अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की है।"
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)
सीएम ने कहा, "संकट से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 744 टीमें अलर्ट पर हैं। इसके अलावा, 160 आईसीयू ऑन व्हील्स और 108 एबुलेंस सेवा के तहत 607 वाहनों को तैनात किया गया है।" उन्होंने कहा, "सौराष्ट्र, कच्छ के साथ-साथ दक्षिण गुजरात के तट पर 0 से 10 किलोमीटर बेल्ट क्षेत्र में रहने वाले लगभग 1.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हम एक बार फिर सभी लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे तटीय क्षेत्रों में बाहर, खुले में उद्यम न करें और अस्थायी ढांचों में रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में प्रशासन के साथ सहयोग करें। हम चक्रवात के संबंध में 'शून्य दुर्घटना' दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं।"
अभी राज्य में 35 से अधिक ऐसे शहर हैं, जहां रात का कर्फ्यू लगाया गया है। गुजरात के सीएम ने मीडियाकर्मियों से कहा, "कोविड-19 से निपटने के लिए राज्य के शहरों में लगाए गए कर्फ्यू के संबंध में हम एक समीक्षा बैठक कर रहे हैं, जहां हम तय करेंगे कि आगे क्या किया जाएगा।" मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा, "तौकते के बढ़ते खतरे के बारे में हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह द्वारा लगातार निर्देशित किया जाता है। भारतीय वायुसेना, नौसेना, थलसेना को बताया और निर्देश दिया गया है। .. हमें केंद्र सरकार से पूर्ण सहयोग का आश्वासन मिला है।" मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य का एक भी मछुआरा समुद्र में नहीं गया और जो जाने की तैयारी में थे, उनमें से प्रत्येक को सुरक्षित वापस बुला लिया गया है। चक्रवात तौकते गति पकड़ रहा है और गुजरात राज्य की ओर बढ़ रहा है। वह अभी गुजरात में सौराष्ट्र के सबसे दक्षिणी सिरे से लगभग 180 किलोमीटर दूर है। इसके सौराष्ट्र क्षेत्र के तट पर कहीं भी टकराने की संभावना है, संभवत: भावनगर के पास महुआ में रात 8 से रात 10 बजे के बीच।
(Disclaimer: यह खबर सीधे समाचार एजेंसी की सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे लोकतेज टीम ने संपादित नहीं किया है.)

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