12 सालों के बाद काबुल से वापिस लौटी माता, एयरपोर्ट पर दिखे भावुक दृश्य

प्रतिकात्मक तस्वीर

अफगानिस्तान पर तालिबान का अधिग्रहण होते ही शुरू दावोदा ने शुरू किए थे परिवार को वापिस लाने का प्रयास

अफगानिस्तान एंन तालिबानों के अधिग्रहण के बाद हर देश अपने नागरिकों को देश से सही सलामत बाहर निकाल रहा है। तालिबानों के पिछले शासन को देखते हुये कोई भी तालिबानी शासन में खुद को सलामत नहीं मान रहा। ऐसे में देश से बाहर निकलने के लिए काबुल एयरपोर्ट पर काफी भीड़ लगी हुई है। हर कोई जल्द से जल्द अपने देश वापिस पहुंचना चाहता है। काबुल से वापिस आने के बाद अपने परिजनों को देखकर हर कोई भावुक और खुश हो रहा है। 
कुछ ऐसा ही देखने मिला फ्रांस में जहां अपनी 12 साल बाद देश लौटी 56 वर्षीय माँ कादिरा को देख कर दावोदा ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। 12 सालों से काबुल में रहने वाली कादिरा अपनी 3 बेटियों और एक बेटे के साथ 12 साल बाद फ्रांस पहुंची थी। दावोदा एक अफगानी कलाकार है जो 2009 से ही फ्रांस में रह रही है। जबकि उसके चार भाई-बहन अफगानिस्तान में रहते थे। दावोदा ने बताया कि उसके परिवार को तालिबानी शासकों के दबाव के कारण काबुल से भागना पड़ा था। उसके एक भाई ने तो अफगान सेना में सेवा दी थी। 
दावोदा ने बताया जैसे ही उसे तालिबानों द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा करने कि जानकारी मिली वह काफी दुखी हो गई। उसे अपने भाई-बहन और माता कि चिंता सताने लगी। उसने काबुल से उन्हें बाहर निकालने के अपने प्रयास शुरू कर दिये। कुछ दिनों बाद उन्हें अपने परिवार को बाहर निकालने में सफलता मिल गई। दावोदा ने एयरपोर्ट पर फ्रांसिस दल का संपर्क कर उनकी मदद मांगी और कई प्रयासों के बाद वह अपने भाई-बहन और माता को सही सलामत फ्रांस लाने में सफल रही थी।

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