कोरोना काल में नकली सेनेटाइजर बनाकर करोड़पति बनकर अब फंस गया, जानें पूरा मामला

(Photo : IANS)

ऐसे कठिन समय में भी चालबाजी करने से बाज नहीं आ रहे है कुछ लोग

कोरोना वायरस की महामारी के कारण लोगों में सैनिटाइजर और मास्क की मांग ज्यादा बढ़ गई है. इसको देखते हुए कंपनियों ने मास्क और सैनिटाइजर की काला बाजारी शुरू कर दी है। इसी बीच गुजरात के वडोदरा में भारी मात्रा में नकली सैनिटाइजर जप्त किए गए हैं। यहां शहर की गोरवा जीआईडीसी स्थित ए.के. इंडस्ट्रीज में क्राइम ब्रांच ने छापा मारा था। जहां से क्राइम ब्रांच की टीम ने दो दुकानों से डुप्लीकेट सैनिटाइज़र का एक बड़ा स्टॉक जब्त किया। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि, शुरूआती पूछताछ में 50 लाख रुपए कीमत के नकली सैनिटाइजर की बात सामने आई है। इसके साथ ही वसना रोड पर रोपुरा इलाके में एक अन्य दुकान से 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य के डुप्लीकेट सैनिटाइज़र जब्त किए गए। साथ ही आरोपी नितिन कोटवानी को गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस ने कहा कि कोटवानी ने पिछले 10 महीनों में राज्य भर में डुप्लीकेट सैनिटाइज़र बेचकर लगभग 10 करोड़ रुपये का लाभ कमाया। इस मामले में सिटी पुलिस कमिश्नर शमशेर सिंह ने कहा “हम अब उन व्यापारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिन्हें कोटवानी ने नकली सैनिटाइज़र बेचा था। कोटवानी की यूनिट में बने सेनिटाइजर मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। हम ऐसे सभी स्टॉक को जब्त कर लेंगे।”
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मिली जानकारी पर यह कार्रवाई की। बाद में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम की मदद लेकर नकली सेनेटाइजर में मिथेनोल नामक एल्कोहल मिला होने का संदेह हुआ तो उसके आधार पर जांच शुरू करवाई गई। नकली जत्थे के अलावा पुलिस उन लोगों को भी ट्रैक करने की कोशिश कर रही है जिन्होंने उसे इतनी बड़ी मात्रा में मे मिथेनोल दिया था।  
प्रतिकात्मक तस्वीर
आपको बता दें कि मेथनॉल एक औद्योगिक रसायन है और बिना उचित आदेश के कोई भी इसे नहीं खरीद सकता है। जाँच के दौरान कोटवानी ने मारुति केम प्रोडक्ट के मालिक एक अशोक पटेल के नाम का खुलासा किया और बताया कि बाद में उसे मिथेनोल की आपूर्ति की गई। इसके साथ ही जांच अधिकारी, कोटवानी की फर्म के बैंक खाते की संख्या को भी पता लगाने के लिए स्कैन कर रहे हैं कि उसने कितना पैसा कमाया है और उसने इसे कहां डायवर्ट किया है।
गौरतलब है कि  पीसीबी ने मंगलवार को गोरवा बीआईडीसी में कोटवानी की निर्माण इकाई पर छापा मारा था और 45 लाख रुपये मूल्य के डुप्लीकेट सैनिटाइजर स्टॉक को जब्त किया था। सैनिटाइज़र के नमूने एफएसएल परीक्षणों के लिए भेजे गए थे और परिणामों से पता चला कि इसमें मिथेनोल 20 से 70 प्रतिशत तक था। कोटवानी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इथेनॉल को मिथेनोल से बदल दिया है जो कीमत में काफी सस्ता है।

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