सूरत में प्रभारी उप निदेशक और प्रधान लिपिक रिश्वत लेते गिरफ्तार

रिश्वत लेते हुए ‌ गिरप्तार आरोपी

अहमदाबाद कि टीम ने सूरत में उप निदेशक के कार्यालय में एसीबीए ने प्रभारी उप निदेशक और प्रधान लिपिक से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार किया।

उच्च वेतनमान को मंजूरी देने के आदेश के लिए 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी 
नानपुरा उप निदेशक के कार्यालय में एसीबीए ने प्रभारी उप निदेशक और प्रधान लिपिक से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार किया। उच्च वेतनमान को मंजूरी देने वाले आदेश का पालन करने के लिए रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के खिलाफ एसीबी में शिकायत दर्ज की गई थी। एसीबी ने बताया कि कार्यालय उप निदेशक भूमि कार्यालय, नानपुरा, सूरत कार्यालय में कार्यरत प्रथम श्रेणी एवं प्रभारी प्रधान लिपिक, वर्ग-3 कर्मचारी ने रु. 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। इस संबंध में एसीबी को शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया गया था। प्रधान लिपिक ने वादी के साथ उद्देश्यपूर्ण बातचीत की और रुपये का भुगतान किया। 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहथ गिरफ्तार हो गया।  इतना ही नहीं, बल्कि उसने व्यक्तिगत रूप से यह भी स्वीकार किया है कि उसने प्रभारी उप निदेशक के इशारे पर रिश्वत की मांग की थी। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की गई है। एसीबी ने कक्षा-1 के प्रभारी उप निदेशक केपी गामित और कक्षा-3 के प्रभारी प्रधान लिपिक गिरीशभाई मोहनभाई पटेल को हिरासत में लिया है। ट्रैपिंग ऑफिसर के रूप में ए.पी. चौधरी, री. पीओ.इन्स फील्ड -2 (इंटेलिजंस विंग) एसीबी, अहमदाबाद और वी.एस. वाघेला पो.इन्स एसीडी फील्ड-2, बाडा यूनिट, अहमदाबाद एवं एनडी चौहान, एसीबी टीम एवं पर्यवेक्षण अधिकारी, सहायक निदेशक, फील्ड-3, इच्छुक, एसीबी, अहमदाबाद ने प्रशंसनिय कामगीरी की थी। 

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