गुजरात : सरकारी कार्यालय में 51 हजार के चाय के बिल का झमेला, जिन्होंने पी वो अब हैं नहीं और जो हैं उन्होंने चुकाने से इंकार किया!

प्रतिकात्मक तस्वीर

वलसाड जिलाधीश से चायवाले ने की शिकायत

सरकारी ऑफिसों में चाय पीने का काफी चलन है। जितनी अधिक चाय पी जाए मानों उतना ही अधिक तेजी से काम। आपने भी सरकारी ऑफिसों में लगातार चाय वाले को आते हुए देखा ही होगा। सरकारी ऑफिसों में आने वाली चाय से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला गुजरात के वलसाड से सामने आया है। यहाँ एक चाय वाला अपना बिल लिए कलेक्टर ऑफिस में पहुँच गया, क्योंकि सरकारी कार्यालय वाले उसका बिल देने से इंकार कर रहे है। 
दरअसल, वलसाड जिले के सरकारी कार्यालय में यह चायवाला नियमित रूप से सभी को चाय पिलाता था। महीने के अंत में उसके अकाउंट में चाय के पैसे आरटीजीएस के द्वारा भेज भी दिये जाते थे। हालांकि हर बार जो हिसाब होता था, उसमें से कुछ न कुछ अमाउंट बाकी रख ही दिया जाता था। ऐसे में यह बिल धीरे-धीरे बढ़ कर 51,451 तक पहुँच गया था। कोरोना के कठिन समय में अब जब उसे पैसों की सख्त जरुरत है तो उसने सरकारी ऑफिस में पैसों के लिए कहा। हालांकि कार्यालय से उसका बिल देने से मना कर दिया गया। 
सरकारी कार्यालय के वर्तमान ऑफिसर का कहना है कि जिस चाय का बिल वह अभी लेकर आया है, उनमें से एक भी अधिकारी फिलहाल वहाँ नहीं है। ऐसे में वह यह पैसे नहीं देंगे। चाय बेचकर अपने परिवार का गुजारा चलाने वाले एक सामान्य व्यक्ति के इतने पैसे अटक जाने से वह अब काफी तकलीफ में आ गया है। इसके अलावा अब स्टाफ के अधिकारी भी उसे धमकी दे रहे है, यदि उसने अब पैसों की मांग की तो वह उनकी लारी बंद करवा देगा। सभी से परेशान होकर अंत में चायवाला जिला कलेक्टर और डीएसपी के सामने अपनी बाकी निकल रही रकम को दिलाने के लिए विनंती की है।

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