गुजरात : टोक्यो पैरालंपिक विजेता दिव्यांग भाव‌िना पटेल का राज्य सरकार द्वारा 3 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार के साथ विशेष सम्मान

टोक्यो पैरालंपिक विजेता दिव्यांग भाव‌िना पटेल को खेल मंत्री हर्षभाई संघवी ने रु. 3 करोड़ का चेक भेंटकर सम्मानित किया

"दुनिया भर में गुजरात को मशहूर करने वाली भाविना पटेल सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं" - मंत्री हर्षभाई संघवी

टोक्यो पैरालिंपिक - 2020 टेबल टेनिस प्रतियोगिता में देश को गौरवान्वित करने और इतिहास रचने वाली गुजराती खिलाड़ी श्रीमती भाव‌िना पटेल को गुजरात राज्य सरकार की ओर से 3 करोड़ रुपये के चेक एनायत कर सम्मानित किया गया। खेल मंत्री  हर्षभाई संघवी ने उनके घर जाकर भा‌विना पटेल को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और रु. 3 करोड़ का चेक दिया। 
इस अवसर पर खेल मंत्री  हर्षभाई संघवी ने कहा कि अहमदाबाद की गुजरात की बेटी ने टेबल टेनिस में विशेष प्रशिक्षण लेकर पूरे विश्व में देश का नाम रोशन किया है और इतिहास रचा है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब किसी दिव्यांग महिला खिलाड़ी ने टेबल टेनिस में पदक जीता है। उन्होंने कहा कि "कोरोना के समय में घर पर टेबल टेनिस का अभ्यास करके, वह टोक्यो पैरालिम्पिक्स में गई और दुनिया भर के एथलीटों के खिलाफ जीतकर हमारे देश के लिए रजत पदक जीता। यह हम सभी के लिए गर्व और गौरव की बात है। दिव्यांग खेल प्रतिभा पुरस्कार अंतर्गत घोषित किये गये तीन करोड़ रुपये के पुरस्कार का चेक गुरुवार को  राज्य सरकार की ओर से मुझे भेंट करते हुए गर्व हो रहा है।"
मंत्री ने आगे कहा कि भाविनाबेन की तरह कई ऐसे खिलाड़ी भी हैं जो दुनिया भर में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए गुजरात और देश के लिए दुनिया भर में आयोजित टुर्नामेन्ट में बाग लेने के लिए जाते हैं, उन्हें सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से व्यवस्था की जाएगी ताकि खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर देश को ज्यादा से ज्यादा मेडल दिला सकें। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्रभाई मोदी द्वारा शुरू किए गए 'खेल महाकुंभ' के फलस्वरूप आज गुजरात राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2021 में खेले गए पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिता (वर्ग-4) के फाइनल मुकाबले में गुजरात की टेबल टेनिस स्टार भाव‌िना पटेल ने चीनी खिलाड़ी को हराकर रजत पदक जीतकर प्रदेश व देश का नाम रौशन किया था। पूरी दुनिया में वह पिछले 20 साल से टेबल टेनिस खेल रहे हैं। तत्कालीन प्रधान मंत्री  नरेंद्रभाई मोदी ने भी पैरा टेबल टेनिस में इतिहास रचने वाली गुजरात की बेटी भाव‌िना पटेल को बधाई देते हुए कहा, "भाव‌िना पटेल ने इतिहास रचा है, उनका जीवन प्रेरणादायक है।"
इस अवसर पर भाविनाबेन पटेल ने टोक्यो में अपने अनुभव साझा किए और कहा कि मुझे भारत का प्रतिनिधित्व करने का जो अवसर मिला वह मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण था। भारत के इतिहास में पहली बार मैंने एक महिला के रूप में टेबल टेनिस में रजत पदक जीता है। भाविनाबेन पटेल ने कहा, "हर व्यक्ति और हर खिलाड़ी में कोई न कोई प्रतिभा होती है।" इसे पहचानने और समझने की जरूरत है। "हमेशा उस लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध रहें, जिसे आप प्राप्त करना चाहते हैं।  
महत्वपूर्ण बात यह है कि कोरोना के समय में जब बाहर जाने की स्थिति नहीं थी, तो परिवार अपने कमरे में टेबल टेनिस खेलने के लिए तैयार था ताकि वे घर पर टेबल टेनिस का अभ्यास कर सकें। जहां उनके साथ गेम पार्टनर के रुप में ट्रेनिंग देने वाले  जशवंतभाई और कोच  ललनभाई दोशी ने उन्हें टोक्यो पैरालिंपिक के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहे थे। इस अवसर पर अहमदाबाद के मेयर  किरीट परमार सहित युवा एवं खेल विभाग के अधिकारी, अहमदाबाद नगर निगम के अधिकारी, खिलाड़ी एवं परिवार के सदस्य उपस्थित थे। 

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