गुजरात : जिग्नेश मेवानी के लिए अपनी वडगाम की कुर्सी छोड़ने वाले मणिभाई वाघेला ने कांगेस का दामन छोड़ा, पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप

(Photo Credit : vtvgujarati.com)

पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा वाली सीट वडगाम से निर्दलीय उम्मीदवार जिग्नेश मेवानी ने जीत हासिल की है। जिग्नेश मेवानी एक दलित चेहरा बन दलितों के प्रतिनिधि के रूप में इस चुनाव में अच्छी प्रतिष्ठा हासिल की। फिर समय बीतने और परिस्थिति बदलने के साथ ही मेवानी कांग्रेस को समर्थन का ऐलान कर पार्टी में शामिल हो गए।
कांग्रेस पार्टी ने जिग्नेश मेवानी के अपने क्षेत्र में अच्छे होने और उनको मिलने वाले व्यापक सहयोग का फायदा उठाया है। लगभग 35-40 वर्षों से वडगाम सीट से कांग्रेस के कार्यकर्ता रहे और पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मणिभाई वाघेला ने जिग्नेश के प्रभाव को महसूस करते हुए इस सीट को छोड़ते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है कि उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है।
आपको बता दें कि उन्होंने यह इस्तीफा दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में लिखा है। जिसमें उन्होंने पार्टी के लिए किए गए कार्यों और उनके द्वारा किए गए योगदान का जिक्र किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2017 के चुनाव में हमने पार्टी से किए अपने वादे को पूरा कर निर्दलीय उम्मीदवार को जिताने के लिए कड़ी मेहनत की थी। मैं दलितों के मुद्दों को आवाज देने में भी सक्षम हूं। लेकिन पार्टी के शिष्टाचार ने मुझे ऐसा करने से रोक दिया है। समाज में नफरत फैलाकर तथाकथित दलित नेताओं को बढ़ावा देकर पार्टी के पुराने दिग्गज नेताओं के साथ अन्याय किया गया है।''
अंत में उन्होंने कांग्रेस पार्टी को भी अलविदा कह दिया और कहा कि ये सभी मुद्दे पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के इस्तीफे में अक्षमता के कारण उठाए गए थे।

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