गुजरात : मोरबी के निराश्रित 12 बच्चों के खाते में हर महीने 4 हजार रुपये जमा कराएगी सरकार

बाल सेवा योजना के तहत मोरबी के 12 बच्चों को सहायता दी गई

कोरोना से माता-पिता को खोने वाले बच्चों को बाल सेवा योजना के तहत सहायता दी जाएगी

मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी ने कोरोना में अपने माता-पिता को खोने वाले बेसहारा बच्चों के खाते में सहायता राशि जमा कर मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की।
इस योजना के माध्यम से 18 मार्च, 2020 को गुजरात में कोरोना का पहला मामला सामने आने के बाद से कोरोना के कारण अपने माता-पिता की मृत्यु के कारण बेसहारा हो चुके बच्चों को हहर महीने रु. चार हजार रुपये का भुगतान शुरू कर दिया गया है।
मोरबी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर  जे.बी. पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष  चंदूभाई शिहोरा, जिला भाजपा अध्यक्ष दुर्लभभाई देथरिया, अपर कलेक्टर एन.के. मुछार के हाथ के प्रतीक के रूप में पांच बच्चों को शैक्षिक किट वितरित किए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विजयभाई रूपाणी ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ राज्य सरकार द्वारा 0 से 18 वर्ष की आयु के उन बच्चों को प्रदान किया जाएगा जिनके माता-पिता की मृत्यु कोरोना काल में हो चुकी है, चाहे उनकी आय सीमा कुछ भी हो। 
मुख्यमंत्री ने इस योजना की घोषणा के एक माह के भीतर त्वरित कार्रवाई करने, जिलों से ऐसे बेसहारा बच्चों को ढूंढ़ने और उनका बकाया भुगतान करने सहित सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने उनके द्वारा किए गए दिव्य कार्यों की सराहना की।  साथ ही बेसहारा बच्चों के दिवंगत माता-पिता को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति मोरबी के अध्यक्ष और सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी और पालक माता-पिता उपस्थित थे। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी अनिलाबेन पिपलिया और जिला बाल संरक्षण अधिकारी  विपुलभाई शेरशिया और जिला बाल संरक्षण इकाई की पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की।

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