गुजरात: उर्वरकों के भाव बढ़े, किसानों में सरकार के प्रति आक्रोश

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : Pixabay.com)

गन्ने की कीमतों में 300 से लेकर 700 तक की आई कमी, किसानों ने कहा किसान विरोधी साजिश

एक तरफ राज्य में कोरोना के कारण सामान्य काम बंद है वहीं अचानक ही उर्वरक की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। इस कीमत बढोत्तरी को लेकर किसानों में जबरजस्त गुस्सा है। एक तरफसरकार किसानों की आय को दोगुना करने का वादा कर रही है, दूसरी ओर ऐसे कदम उठाकर किसानों के खर्चे को दुगना कर रही है। इसी बात के खिलाफ सूरत के ओलपाड तालुका के किसान सरकार से नाराज दिखाई  दे रहे है।
आपको बता दें कि उर्वरक की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी से किसान नाराज हैं। दक्षिण गुजरात की सभी चीनी मिलों ने हाल ही में गन्ने की कीमतों की घोषणा की थी जो पिछले साल की तुलना में 300 रुपये से लेकर 700 रुपये तक कम रही। इस बात से किसान पहले ही खफा चल रहे वहीं दूसरी ओर खादों की कीमत ने आग में ghee का काम किया और जैसे ही उर्वरक के मूल्य वृद्धि की घोषणा की गई, किसानों ने उर्वरक प्राप्त करने के लिए सहकारी मंडल पर जमा हो गए।
ओलपाड तालुका के कुडद गांव में जब मीडिया उर्वरक की कीमत में वृद्धि के बारे में किसानों की राय जानने की कोशिश की तो किसानों ने इसे किसान विरोधी साजिश करार दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों से पहले ही मूल्य वृद्धि की घोषणा की गई थी, लेकिन चुनावों के मद्देनजर रात भर में ही मूल्य वृद्धि वापस ले ली गई थी, लेकिन अब चुनाव समाप्त होते ही उर्वरक की कीमत में फिर से बढ़ोतरी कर दी। ऐसे में ये कोई आश्चर्य नहीं होगा अगर गुजरात के किसान भी दिल्ली में कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन जैसा कोई आन्दोलन शुरू कर दें।

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