गुजरात : बाप ने माँ-बहन को पिटा और किया नजरबंद, बेटा पहुंचा अदालत के दरवाजे

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : Pixabay.com)

गुजरात उच्च न्यायालय ने पुरे मामले में बनासकांठा पुलिस को निर्देश देते हुए वादी युवक, उसकी मां और बहन को 20 जून को हाईकोर्ट में पेश करने का आदेश दिया

गुजरात उच्च न्यायालय में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसमें एक बेटे ने उसकी मां और बहन ने रिहाई के लिए आवेदन किया है। शिकायत के मुताबिक, उसके पिता ने उसकी मां और बहन को उसके चाचा के घर में नजरबंद कर रखा था। इस पर  मंगलवार को बनासकांठा पुलिस को निर्देश देते हुए वादी युवक, उसकी मां और बहन को 20 जून को हाईकोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। 
जानकारी के अनुसार महिला के बेटे ने मामले में शिकायत की थी कि उसके नशे में धुत पिता ने उसकी मां और बहन को जबरन कैद कर लिया है। उसके पिता ने उसकी माँ और बहन को पिटा भी था। इसी वजह से युवक ने अपने पिता के खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण की शिकायत दर्ज कराई है और अपनी मां और बहन की रिहाई के लिए आवेदन किया है। उसके पिता ने उसकी मां और बहन को उसके चाचा के घर में नजरबंद कर रखा था। उसके चाचा और चचेरे भाई इस मामले में उसके पिता की मदद कर रहे हैं।
इस मामले में वादी के वकील ने अदालत में कुछ तस्वीरें पेश कीं जिनमें वादी युवक की मां को बुरी तरह पीटा हुआ देखा जा सकता है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद युवक के पिता ने उसे इलाज नहीं कराने दिया और घर पर ही टांके लगाने पड़े। अभियोजकों ने मामले में दावा किया कि युवक, युवक की मां और उसकी बहन पिछले कुछ समय से घर से बाहर थे। उस समय उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और राष्ट्रीय महिला आयोग सहित विभिन्न अधिकारियों को प्रतिवेदन दिया था। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की गई। जस्टिस विपुल पंचोली और जस्टिस आरएम सरीन की बेंच ने पूरे मामले पर संदेह जताया था। उन्होंने पूछा कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
कोर्ट ने पुलिस से सवाल किया कि मामले में क्या कार्रवाई की गई है। अदालत ने अन्य अधिकारियों को 20 जून को युवक, उसकी मां और बहन को अदालत में पेश करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता को यह भी चेतावनी दी गई थी कि अगर ये सभी आरोप झूठे साबित हुए तो उन्हें दंडित किया जाएगा।

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